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Lakhimpur Kheri News: नाला निर्माण कर सड़क बनाना भूल गई नगर पालिका
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गांधी विद्यालय के समीप नाले के ऊपर बना जर्जर रोड। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर के सौजन्या चौराहे पर गांधी विद्यालय स्कूल के पास नगर पालिका परिषद ने नाला निर्माण तो करा दिया, लेकिन खोदी गई सड़क बनाना भूल गई। ऊबड़-खाबड़ सड़क होने से राहगीर परेशान हैं। सड़क से गुजरने वाले कई ई-रिक्शा और मोटर साइकिल सवार गिरकर घायल हो चुके हैं।
शहर में जलभराव की समस्या समाप्त करने के लिए नगर पालिका ने गांधी विद्यालय के समीप सड़क क्रॉस करते हुए नाले का निर्माण कराया था। दो हिस्सों में बनाए जाने वाले नाले के लिए सड़क खोदी गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि नाला निर्माण होने के बाद सड़क भी बना दी जाएगी। नाला निर्माण पूरा हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीतने को है लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
ऊबड खाबड़ सड़क होने की वजह से कई बार लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका ने जिस ठेकेदार को इस काम का जिम्मा दिया था, वह लगातार लापरवाही बरत रहा है। सड़क निर्माण को लेकर लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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नाला निर्माण के साथ सड़क बनाने का हुआ था टेंडर
स्कूल के समीप 25 लाख रुपये की कीमत से नाला बनाया गया है। पहले अधिकारी इसी टेंडर में टूटी सड़क को बनवाने की बात कह रहे थे लेकिन अब दूसरा टेंडर कराने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है उक्त रोड को बनवाने के लिए नगर पालिका ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन आचार संहिता लागू होने के चलते टेंडर नहीं कराया जा रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद गांधी विद्यालय से लेकर घंटाघर तक सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
मुख्य मार्ग होने के चलते दिक्कत ज्यादा
सड़क पर हर रोज हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है। यह मार्ग कई मुख्य मार्गों को जोड़ता है। इस रोड से गुरजने वाले लोग महिला अस्पताल, कचेहरी, बाजार, स्कूल आदि के लिए आते जाते हैं। ऊबड खाबड़ रोड से सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है, लेकिन फिर भी अधिकारी अनजान हैं।
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शहर में जलभराव की समस्या समाप्त करने के लिए नगर पालिका ने गांधी विद्यालय के समीप सड़क क्रॉस करते हुए नाले का निर्माण कराया था। दो हिस्सों में बनाए जाने वाले नाले के लिए सड़क खोदी गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि नाला निर्माण होने के बाद सड़क भी बना दी जाएगी। नाला निर्माण पूरा हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीतने को है लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
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ऊबड खाबड़ सड़क होने की वजह से कई बार लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका ने जिस ठेकेदार को इस काम का जिम्मा दिया था, वह लगातार लापरवाही बरत रहा है। सड़क निर्माण को लेकर लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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नाला निर्माण के साथ सड़क बनाने का हुआ था टेंडर
स्कूल के समीप 25 लाख रुपये की कीमत से नाला बनाया गया है। पहले अधिकारी इसी टेंडर में टूटी सड़क को बनवाने की बात कह रहे थे लेकिन अब दूसरा टेंडर कराने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है उक्त रोड को बनवाने के लिए नगर पालिका ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन आचार संहिता लागू होने के चलते टेंडर नहीं कराया जा रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद गांधी विद्यालय से लेकर घंटाघर तक सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
मुख्य मार्ग होने के चलते दिक्कत ज्यादा
सड़क पर हर रोज हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है। यह मार्ग कई मुख्य मार्गों को जोड़ता है। इस रोड से गुरजने वाले लोग महिला अस्पताल, कचेहरी, बाजार, स्कूल आदि के लिए आते जाते हैं। ऊबड खाबड़ रोड से सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है, लेकिन फिर भी अधिकारी अनजान हैं।