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पान की दुकान से लेकर चौराहों पर हार जीत का लगा रहा गुणा भाग
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एक दुकान पर चुनावी चर्चा करते लोग
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमुपर खीरी। जिले में आठ विधान सभा सीटें हैं। इन पर 23 फरवरी को वोट पड़ेंगे। मतदान की तिथि करीब आते ही शहर का भी सियासी पारा चढ़ गया है। मोहल्लों की गलियां हो या फिर चाय और पान की दुकान, चार पांच लोगों के इकठ्ठा होते ही चुनावी चर्चा शुरू हो जाती है। हर कोई प्रत्याशियों की जीत, हार के समीकरण अंगुलियों पर गिनाते देखा जा रहा है।
भले ही मतदाता विभिन्न विचार धाराओं के हों, लेकिन वोट विकास के नाम पर देने की बात करते हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को मतदान होगा। इसको लेकर गली और मोहल्लों से लेकर बाजार आदि में चुनावी चर्चा जोरों पर हैं। मतदाता चाहें युवा हो या फिर बुजुर्ग, कामगार या फिर नौकरी पेशा। सभी की अपनी विचारधारा और मुद्दे हैं। हालांकि इन सबकी प्राथमिकता रोजगार और सुरक्षा है। कोई सीएम के चेहरेे पर वोट देने की वकालत कर रहा है तो कोई प्रत्याशी को देखकर।
विकास की बात करने वाला हो विधायक
जिला सहकारी बैँक के निकट पान की दुकान पर युवकों के बीच चुनावी चर्चा हो रही थी। आलम यह था कि जो कोई पान व गुटखा लेने आते वह भी उसमें शामिल हो जाता है। हर किसी की अपनी विचारधारा और अपने मुद़्दे थे। सलेमपुर कोन निवासी जगदीप कटियार का कहना था कि विधायक ऐसा हो जो सभी का दुख दर्द समझकर उसे दूर करने के लिए प्रयासरत रहे। वहीं शहपुरा कोठी निवासी अंजनी कुमार का तर्क था कि विकास को प्राथमिकता देने वाला विधायक होना चाहिए।
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कर्मचारी हित की बात करने वाला हो विधायक
जिला अस्पताल में लोगों के बीच चुनावी चर्चा में कर्मचारी हित का मुद्दा छाया रहा। प्यारेपुर निवासी इजहार अली, चांद मारी रोड निवासी विनोद कुमार का कहना था कि विधायक कर्मचारी हित की वकालत करने वाला हो। वहीं दिनेश कुमार और शिवचरन जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास के नाम पर वोट देने की बात कर रहे थे। इसी को लेकर कौन बनेगा विधायक को लेकर भी हर किसी का अपना अपना गणित था।
विधायक मूलभूति सुविधाएं दिलाने वाला हो
शहपुरा कोठी चौराहा पर बिजली की दुकान पर चुनाव को लेकर दुकानदारों में गर्मागम बहस हो रही थी। प्यारेपुर निवासी धीरज का तर्क था कि सरकार किसी की बनें, बस शहर और प्रदेश में अमन शांति कायम रहे। गरीबों का भी ध्यान रखा जाए। हिदायतनगर निवासी सुल्तान का कहना था कि ऐसी योजना एंचलाई जाएं, जिससे गरीबों को राहत मिले। वहीं रितेश और लतीफ का तर्क था कि गरीबों की मदद करने वाली सरकार बने।
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भले ही मतदाता विभिन्न विचार धाराओं के हों, लेकिन वोट विकास के नाम पर देने की बात करते हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को मतदान होगा। इसको लेकर गली और मोहल्लों से लेकर बाजार आदि में चुनावी चर्चा जोरों पर हैं। मतदाता चाहें युवा हो या फिर बुजुर्ग, कामगार या फिर नौकरी पेशा। सभी की अपनी विचारधारा और मुद्दे हैं। हालांकि इन सबकी प्राथमिकता रोजगार और सुरक्षा है। कोई सीएम के चेहरेे पर वोट देने की वकालत कर रहा है तो कोई प्रत्याशी को देखकर।
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विकास की बात करने वाला हो विधायक
जिला सहकारी बैँक के निकट पान की दुकान पर युवकों के बीच चुनावी चर्चा हो रही थी। आलम यह था कि जो कोई पान व गुटखा लेने आते वह भी उसमें शामिल हो जाता है। हर किसी की अपनी विचारधारा और अपने मुद़्दे थे। सलेमपुर कोन निवासी जगदीप कटियार का कहना था कि विधायक ऐसा हो जो सभी का दुख दर्द समझकर उसे दूर करने के लिए प्रयासरत रहे। वहीं शहपुरा कोठी निवासी अंजनी कुमार का तर्क था कि विकास को प्राथमिकता देने वाला विधायक होना चाहिए।
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कर्मचारी हित की बात करने वाला हो विधायक
जिला अस्पताल में लोगों के बीच चुनावी चर्चा में कर्मचारी हित का मुद्दा छाया रहा। प्यारेपुर निवासी इजहार अली, चांद मारी रोड निवासी विनोद कुमार का कहना था कि विधायक कर्मचारी हित की वकालत करने वाला हो। वहीं दिनेश कुमार और शिवचरन जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास के नाम पर वोट देने की बात कर रहे थे। इसी को लेकर कौन बनेगा विधायक को लेकर भी हर किसी का अपना अपना गणित था।
विधायक मूलभूति सुविधाएं दिलाने वाला हो
शहपुरा कोठी चौराहा पर बिजली की दुकान पर चुनाव को लेकर दुकानदारों में गर्मागम बहस हो रही थी। प्यारेपुर निवासी धीरज का तर्क था कि सरकार किसी की बनें, बस शहर और प्रदेश में अमन शांति कायम रहे। गरीबों का भी ध्यान रखा जाए। हिदायतनगर निवासी सुल्तान का कहना था कि ऐसी योजना एंचलाई जाएं, जिससे गरीबों को राहत मिले। वहीं रितेश और लतीफ का तर्क था कि गरीबों की मदद करने वाली सरकार बने।