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पंडाल के निर्माण में सावधानी की ताकीद
अमर उजाला ब्यूरो /लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:45 PM IST
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पंडाल।
- फोटो : अमर उजाला
शादी समाराहों के लिए अग्निशमन विभाग ने जारी की चेतावनी
अप्रैल का महीना शादी समारोहों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। अग्निशमन विभाग इसे लेकर काफी चौकन्ना हो गया है। खासकर शादी समारोहों के लिए पंडालों के निर्माण को लेकर अग्निशमन विभाग ने कई बिंदुओं पर चेतावनी जारी की है। खुशियों और रौनक भरे माहौल में खलल न पड़े, इसके लिए पंडाल के निर्माण में सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
अग्निशमन अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में आग के कारण लोग घर से बेघर हो रहे हैं। इसे देखते हुए शहरी क्षेत्र में लोगों को आग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मुख्यालय का निर्देश है कि शादी समारोहों में लगने वाले पंडालों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर नजर रखी जाए। लखीमपुर शहर में गेस्ट हाउसों में होने वाले आयोजनों और शादी समारोह के लिए लगने वाले पंडालों को लेकर अनदेखी की जा रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
-पंडाल के निर्माण में सिंथेटिक एवं ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग न करें
-पंडाल को दीवार अथवा बाउंड्रीवाल से सटाकर न बनाएं
-पंडाल से निकलने के रास्ते को बाधित न करें
-पंडाल से सटाकर रसोईघर की स्थापना न करें
-पंडाल से बाहर निकलने का रास्ता मेहराबदार बनाएं
-बिजली के जोड़ों एवं तारों को कतई खुला न छोड़े
-पंडाल से सटाकर हैलोजन लाइट न लगाएं
-बिजली की वायरिंग पंडाल से सटाकर न करें
-अग्निशमन कार्य के लिए सुरक्षित पानी का इस्तेमाल किसी अन्य कार्य के लिए न करें
-पंडाल के निकट या अंदर धूम्रपान न करें
--
आग से बचाव
-पंडाल के चारों तरफ कम से कम 4.5 मीटर खुला स्थान किसी आपातकालीन स्थिति के लिए अवश्य छोड़ें
-बिजली की व्यवस्था लाइसेंसधरी ठेकेदारों से ही कराएं
-पंडाल से निकलने के लिए कम से कम पांच मीटर का रास्ता रखें
-पंडाल में सुरक्षा के लिए 0.75 लीटर पानी प्रति वर्ग मीटर स्थान के लिए ड्रम में रखें
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अप्रैल का महीना शादी समारोहों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। अग्निशमन विभाग इसे लेकर काफी चौकन्ना हो गया है। खासकर शादी समारोहों के लिए पंडालों के निर्माण को लेकर अग्निशमन विभाग ने कई बिंदुओं पर चेतावनी जारी की है। खुशियों और रौनक भरे माहौल में खलल न पड़े, इसके लिए पंडाल के निर्माण में सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
अग्निशमन अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में आग के कारण लोग घर से बेघर हो रहे हैं। इसे देखते हुए शहरी क्षेत्र में लोगों को आग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मुख्यालय का निर्देश है कि शादी समारोहों में लगने वाले पंडालों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर नजर रखी जाए। लखीमपुर शहर में गेस्ट हाउसों में होने वाले आयोजनों और शादी समारोह के लिए लगने वाले पंडालों को लेकर अनदेखी की जा रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
-पंडाल के निर्माण में सिंथेटिक एवं ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग न करें
-पंडाल को दीवार अथवा बाउंड्रीवाल से सटाकर न बनाएं
-पंडाल से निकलने के रास्ते को बाधित न करें
-पंडाल से सटाकर रसोईघर की स्थापना न करें
-पंडाल से बाहर निकलने का रास्ता मेहराबदार बनाएं
-बिजली के जोड़ों एवं तारों को कतई खुला न छोड़े
-पंडाल से सटाकर हैलोजन लाइट न लगाएं
-बिजली की वायरिंग पंडाल से सटाकर न करें
-अग्निशमन कार्य के लिए सुरक्षित पानी का इस्तेमाल किसी अन्य कार्य के लिए न करें
-पंडाल के निकट या अंदर धूम्रपान न करें
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आग से बचाव
-पंडाल के चारों तरफ कम से कम 4.5 मीटर खुला स्थान किसी आपातकालीन स्थिति के लिए अवश्य छोड़ें
-बिजली की व्यवस्था लाइसेंसधरी ठेकेदारों से ही कराएं
-पंडाल से निकलने के लिए कम से कम पांच मीटर का रास्ता रखें
-पंडाल में सुरक्षा के लिए 0.75 लीटर पानी प्रति वर्ग मीटर स्थान के लिए ड्रम में रखें