{"_id":"5880bd524f1c1be92eefe2b3","slug":"the-incident-took-eta-administration-lesson-will-campaign-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटा की घटना से प्रशासन ने लिया सबक, आज से चलेगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा की घटना से प्रशासन ने लिया सबक, आज से चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:10 PM IST
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अभियान
- फोटो : अमर उजाला
खीरी के जर्जर स्कूली वाहनों से भी है बच्चों को खतरा
सिर्फ 444 वाहनों का ही है पंजीकरण
118 वाहनों ने नहीं लिया फिटनेस प्रमाण पत्र
जनपद एटा के अलीगंज में दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूल बस से बच्चों की मौत की खबर आई तो जिले के लोग सिहर उठे। डीएम आकाशदीप ने घटना को संज्ञान में लेते हुए 20 से 22 जनवरी तक अभियान चलाकर जर्जर स्कूली वाहनों को चेक करने का निर्देश एआरटीओ प्रशासन को दिया है। इस पर जिले में शुक्रवार से अभियान चलाया जाएगा। इससे यहां चल रहे जर्जर खटारा स्कूल वाहनों पर रोक लगने की उम्मीद है। आलम यह है कि जिले में महज 444 वाहनों का ही एआरटीओ दफ्तर में पंजीयन है, जबकि हकीकत में सड़कों पर स्कूली वाहनों की संख्या एक हजार के ऊपर है।
जिले में भीषण ठंड के कारण 20 जनवरी तक स्कूल बंद हैं। हालांकि डीएम के आदेश को दरकिनार कर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के कुछ विद्यालय खुले रहे हैं। स्कूल वाहनों पर नजर डालें तो वैन में बिना पास गैस टैंक आदि लगाया गए हैं। बच्चों को उसमें बैठाकर बाद में रिफिलिंग की जाती हैं। बसों की हालत तो इतनी खराब है कि नीचे की चादर कटी और टूटी हुई हैं। बसों का बाहरी हिस्से की मरम्मत कराकर सही करा दिया जाता है, लेकिन अंदर की स्थित जस की तस बनीं हुई है। स्कूलों में चल रही टाटा मैजिक गाड़ियों की स्थित भी अधिक खराब हैं। स्कूलों में चल रही गाड़ियों में पर्दे नहीं हैं। सड़क की धूल बच्चों के ऊपर भर आती हैं। पर्दे आदि न होने के कारण बच्चे कड़ाके की ठंड में बैठकर आने जाने को मजबूर हैं।
निघासन। तहसील क्षेत्र के तिकुनियां, सिंगाही, बेलरायां और निघासन आदि स्थानों पर प्राइवेट स्कूलों में बसें, टाटा मैजिक तथा मारुति वैन लगाई गई हैं। इन वाहनों की हालत अत्यंत दयनीय है। कस्बे के एब्लॉन पब्लिक स्कूल में करीब आधा दर्जन बसें तथा तीन टाटा मैजिक की स्थित अधिक दयनीय हैं। इस संबंध में प्रबंधक आरके कश्यप ने बताया कि खराब वाहनों को सही कराने का कार्य कराया जा रहा है। शीघ्र ही सभी वाहन सही करा लिए जाएंगे। डीआएओएस अशोक कुमार ने बताया कि एब्लॉन पब्लिक स्कूल की शिकायत मिली हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर प्रभारी निरीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि स्कूलों में कई वाहन बिना कागजों के चल रहे हैं। उनकी भी जांच की जाएगी।
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फिटनेस न लेने वालों को नोटिस
एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा ने बताया कि जिले में 118 स्कूली वाहन संचालकों ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लिया है। सभी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से अभियान चलाकर जर्जर और मानकविहीन स्कूल वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के आदेश के बाद भी खुले रहे स्कूल
मझगईं। कस्बे के आसपास के गांव बल्लीपुर, कोठिया, नौगवां, बेला, त्रिलोकपुर आदि गांवों में दर्जन भर से अधिक बिना मान्यता प्राप्त स्कूल घास फूस के बने छप्परों के नीचे और टिन शेड डाल के चल रहे हैं। जहां मासूम बच्चे बोरी,टाट आदि पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। कई स्कूल तो ऐसे हैं कि जिनकी दशा बहुत ही दयनीय है। इन बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में तो डीएम के आदेश की भी परवाह नहीं की जाती। गुरुवार को छुट्टी के आदेश आने के बाद भी कोठिया, बल्लीपुर के इन स्कूलों में छुटटी नहीं हुई। जिससे नौनिहाल स्कूलों में ठंड से कांपते रहे।
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सिर्फ 444 वाहनों का ही है पंजीकरण
118 वाहनों ने नहीं लिया फिटनेस प्रमाण पत्र
जनपद एटा के अलीगंज में दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूल बस से बच्चों की मौत की खबर आई तो जिले के लोग सिहर उठे। डीएम आकाशदीप ने घटना को संज्ञान में लेते हुए 20 से 22 जनवरी तक अभियान चलाकर जर्जर स्कूली वाहनों को चेक करने का निर्देश एआरटीओ प्रशासन को दिया है। इस पर जिले में शुक्रवार से अभियान चलाया जाएगा। इससे यहां चल रहे जर्जर खटारा स्कूल वाहनों पर रोक लगने की उम्मीद है। आलम यह है कि जिले में महज 444 वाहनों का ही एआरटीओ दफ्तर में पंजीयन है, जबकि हकीकत में सड़कों पर स्कूली वाहनों की संख्या एक हजार के ऊपर है।
जिले में भीषण ठंड के कारण 20 जनवरी तक स्कूल बंद हैं। हालांकि डीएम के आदेश को दरकिनार कर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के कुछ विद्यालय खुले रहे हैं। स्कूल वाहनों पर नजर डालें तो वैन में बिना पास गैस टैंक आदि लगाया गए हैं। बच्चों को उसमें बैठाकर बाद में रिफिलिंग की जाती हैं। बसों की हालत तो इतनी खराब है कि नीचे की चादर कटी और टूटी हुई हैं। बसों का बाहरी हिस्से की मरम्मत कराकर सही करा दिया जाता है, लेकिन अंदर की स्थित जस की तस बनीं हुई है। स्कूलों में चल रही टाटा मैजिक गाड़ियों की स्थित भी अधिक खराब हैं। स्कूलों में चल रही गाड़ियों में पर्दे नहीं हैं। सड़क की धूल बच्चों के ऊपर भर आती हैं। पर्दे आदि न होने के कारण बच्चे कड़ाके की ठंड में बैठकर आने जाने को मजबूर हैं।
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निघासन। तहसील क्षेत्र के तिकुनियां, सिंगाही, बेलरायां और निघासन आदि स्थानों पर प्राइवेट स्कूलों में बसें, टाटा मैजिक तथा मारुति वैन लगाई गई हैं। इन वाहनों की हालत अत्यंत दयनीय है। कस्बे के एब्लॉन पब्लिक स्कूल में करीब आधा दर्जन बसें तथा तीन टाटा मैजिक की स्थित अधिक दयनीय हैं। इस संबंध में प्रबंधक आरके कश्यप ने बताया कि खराब वाहनों को सही कराने का कार्य कराया जा रहा है। शीघ्र ही सभी वाहन सही करा लिए जाएंगे। डीआएओएस अशोक कुमार ने बताया कि एब्लॉन पब्लिक स्कूल की शिकायत मिली हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर प्रभारी निरीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि स्कूलों में कई वाहन बिना कागजों के चल रहे हैं। उनकी भी जांच की जाएगी।
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फिटनेस न लेने वालों को नोटिस
एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा ने बताया कि जिले में 118 स्कूली वाहन संचालकों ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लिया है। सभी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से अभियान चलाकर जर्जर और मानकविहीन स्कूल वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के आदेश के बाद भी खुले रहे स्कूल
मझगईं। कस्बे के आसपास के गांव बल्लीपुर, कोठिया, नौगवां, बेला, त्रिलोकपुर आदि गांवों में दर्जन भर से अधिक बिना मान्यता प्राप्त स्कूल घास फूस के बने छप्परों के नीचे और टिन शेड डाल के चल रहे हैं। जहां मासूम बच्चे बोरी,टाट आदि पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। कई स्कूल तो ऐसे हैं कि जिनकी दशा बहुत ही दयनीय है। इन बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में तो डीएम के आदेश की भी परवाह नहीं की जाती। गुरुवार को छुट्टी के आदेश आने के बाद भी कोठिया, बल्लीपुर के इन स्कूलों में छुटटी नहीं हुई। जिससे नौनिहाल स्कूलों में ठंड से कांपते रहे।