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Lakhimpur Kheri News: बेचनपुरवा गांव को जाने वाला खड़ंजा मार्ग कटा, गांव का अस्तित्व खतरे में

Wed, 24 Jul 2024 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2024 02:27 AM IST
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The gravel road leading to Bechanpurwa village is cut off, the existence of the village is in danger
गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद
फूलबेहड़। जिस तरह से शारदा नदी कटान कर रही है, उससे चार गांवों को खतरा पैदा हो गया है। सबसे पहले बेचन पुरवा गांव का अस्तित्व खतरे में है। इस गांव को जाने वाला इकलौता खड़ंजा मार्ग आधा कट गया है। इससे दर्जनों मकानों के नदी में समाने का खतरा बढ़ रहा है।
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शारदा लगातार गांव की तरफ बढ़ रही है। बेचनपुरवा के ग्रामीण मंगलवार को भी खुद ही कटान रोकने की कोशिश करते रहे। ग्राम प्रधान प्रीतम यादव ने बताया कि कई दिन से नदी का कटान खड़ंजा की तरफ बढ़ रहा है। नदी मार्ग किनारे पहुंची तो ग्रामीण भयभीत हो उठे। खुद ही रोकने के लिए पेड़ों की डाल व बांस लगाकर कटान रोकने के प्रयास में लगे हैं।
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शारदा नदी सोमवार रात और मंगलवार दिन में आधा खड़ंजा बहा ले गई। शारदा नदी धीरे-धीरे धोबियाना, शंकरपुरवा, पकरिया पुरवा, बेचन पुरवा गांव की तरफ बढ़ रही है। नतीजा, यह रहा कि नदी इन गांवों के बिल्कुल पास पहुंच गई है। धोबियाना गांव को जाने वाला मार्ग कट चुका है। कटान बढ़ता देख पीड़ितों ने अपने घरों से सामान निकालना शुरू कर दिया। अभी भी लोग घरों का बचा सामान सुरक्षित जगह पर पंहुचाने में जुटे हैं। अगर यह रास्ता कट गया तो गांव से सामान निकालना मुश्किल हो जायेगा। ऐसे में गांव के लोग सामान निकालने में लगे हैं।
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धबियाना गांव भी शारदा के कटान की जद में

धबियाना गांव भी शारदा के कटान की जद में है। गांव का मुख्य मार्ग कट जाने से पहले ही गांव के 36 परिवार पलायन कर तटबंध के बाहर आ गए हैं। उसके बाद नदी शंकरपुरवा, पकरियापुरवा की तरफ नदी बढ़ रही है। इन गांवों से नदी मात्र चंद कदम की दूरी पर कटान कर रही है। अगर नदी कटान करती है तो शंकरपुरवा के 60 और पकरियापुरवा के 50 घर तबाह हो जाएंगे। धोबियाना गांव के राजकुमार, भानु प्रताप, संजय कुमार, सुनील कुमार और शंकरपुरवा के रविन्द्र, मुशफिर, बबलू आदि पलायन करके मिलपुरवा में झोंपड़ी डालकर गुजर बसर कर रहे हैं।


बाढ़ और कटान के डर से सिंघिया गांव हुआ वीरान
- शारदा मिटा चुकी है दस घरों का नामोनिशान, कई एकड़ कृषि योग्य भूमि कटी
- 80 घरों वाले गांव में अब सिर्फ 10-15 बुजुर्ग और जानवर ही बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजुआ। बाढ़ और कटान के कहर से सदर तहसील की ग्राम पंचायत गुजारा का मजरा सिंघिया पूरी तरह वीरान हो गया है। शारदा ने गांव के करीब 10 घर और कई एकड़ कृषि योग्य भूमि काट दी है। कटान के डर से गांव के कई परिवार घर छोड़कर चले गए हैं। 10-15 बजुर्ग घरों की देखभाल के लिए इस उम्मीद के साथ गांव में रुके हैं कि शायद नदी अपना रुख बदल ले और उनके घर तबाह होने से बच जाएं।
20 दिन पहले गांव सिंघिया में काफी चहल-पहल हुआ करती थी। सब कुछ ठीक चल रहा था। अचानक शारदा नदी में आई बाढ़ से किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई। धीरे-धीरे कटान करती हुई शारदा नदी गांव तक पहुंच गई। नदी का पानी गांव में पहुंचना शुरू हुआ तो लोगों को चिंता बढ़ गई।
ग्रामीणों ने अपना घरेलू सामान निकालकर दूसरी जगह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। कटान होने पर लगभग 10 घर नदी में समा चुके हैं। इसके बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया तो कटान रुक गया। अब जब भी जलस्तर कम होगा तो भयंकर कटान शुरू हो जाएगा। इसकी चिंता लोगाें को सता रही है। गांव में कितने घर कट जाएंगे, यह नहीं कहा जा सकता है। 80 घरों वाले गांव में अब सिर्फ बुजुर्ग व जानवर ही बचे हैं। महिलाएं और बच्चे गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। कुछ लोगों को कटान का पहले ही अंदाजा हो गया था। उन लोगों ने दाउदपुर में जमीन खरीद कर अपने-अपने घर बना लिए।

कटान पीड़ितों को प्रशासन ने बसाने के लिए अभी कोई प्रयास नहीं किया है। सिंघिया गांव बिल्कुल वीरान नजर आ रहा है। पूरे गांव में 10 से 15 बुजुर्ग रह रहे हैं, जो जानवरों और घरों की देखभाल कर रहे हैं। अधिकतर घर खाली पड़े हैं। लेखपाल राकेश शुक्ला बताया कि यहां के लोगाें को बसाने के लिए अभी कोई जगह चिन्हित नहीं की गई है।

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

गांव की बार्बादी का मंजर देखता ग्रामीण। संवाद

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