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Lakhimpur Kheri News: श्रीमद्भागवत कथा में गोमाता की महिमा का किया बखान
Tue, 13 Oct 2026 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 13 Oct 2026 11:52 PM IST
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गोला के मां मंगला देवी मंदिर परिसर में कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। श्री मंगला देवी महोत्सव में चल रही भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालुओं से कथा व्यास ने गोमाता की सेवा और संरक्षण पर बल दिया। कहा कि गोमाता के अंग-अंग में सभी देवी देवताओं और तीर्थों का वास होता है।
नवरात्रों में मंगला देवी मंदिर में चल रहे महोत्सव में कथा व्यास राजीव द्विवेदी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए बताया उनके राज्य में ही कलियुग का अवतरण हो गया था। यह जानकर वह चिंतित थे और जन कल्याण के लिए कलियुग के प्रभाव से सभी को बचाने के लिए उपाय तलाश रहे थे।
उन्होंने अश्वमेघ यज्ञ कर विचरण किया। इस बीच उन्होंने एक स्थान पर वृषभ और गोमाता को दुखी भाव से कलियुग की चर्चा करते सुना। दोनों कह रहे थे कलियुग में मानव के चरित्र में क्षति होगी और लोग अपने स्वार्थों के लिए दूसरों के पाप और अनाचार से भी पीछे नहीं हटेंगे। ऋषियों से पता चला कि लोग कलियुग धर्म के प्रतीक वृषभ और सभी का लालन-पालन करने वाली गो माता पर भी अत्याचार होंगे। यह विनाश का कारण बनेंगे।
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व्यास ने कहा कि गोमाता और वृषभ की पूजा और सेवा कर हम सब कलिकाल में मानव जीवन को सार्थक बना सकते हैं। इस मौके पर श्रीराम राजपूत, केके शुक्ल, मुनेंद्र शुक्ल, गोकर्ण मिश्र, सुरेश चंद्र पांडे, सतीश जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव समेत कई श्रद्धालु मौजूद थे।
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नवरात्रों में मंगला देवी मंदिर में चल रहे महोत्सव में कथा व्यास राजीव द्विवेदी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए बताया उनके राज्य में ही कलियुग का अवतरण हो गया था। यह जानकर वह चिंतित थे और जन कल्याण के लिए कलियुग के प्रभाव से सभी को बचाने के लिए उपाय तलाश रहे थे।
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उन्होंने अश्वमेघ यज्ञ कर विचरण किया। इस बीच उन्होंने एक स्थान पर वृषभ और गोमाता को दुखी भाव से कलियुग की चर्चा करते सुना। दोनों कह रहे थे कलियुग में मानव के चरित्र में क्षति होगी और लोग अपने स्वार्थों के लिए दूसरों के पाप और अनाचार से भी पीछे नहीं हटेंगे। ऋषियों से पता चला कि लोग कलियुग धर्म के प्रतीक वृषभ और सभी का लालन-पालन करने वाली गो माता पर भी अत्याचार होंगे। यह विनाश का कारण बनेंगे।
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व्यास ने कहा कि गोमाता और वृषभ की पूजा और सेवा कर हम सब कलिकाल में मानव जीवन को सार्थक बना सकते हैं। इस मौके पर श्रीराम राजपूत, केके शुक्ल, मुनेंद्र शुक्ल, गोकर्ण मिश्र, सुरेश चंद्र पांडे, सतीश जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव समेत कई श्रद्धालु मौजूद थे।