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थम गए रोडवेज बसों के चक्के
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 02 Sep 2015 06:34 PM IST
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कामगार विरोधी श्रम सुधार कानून के विरोध में बुधवार को जिले में रोडवेज बसों के चक्के थम गए। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के चलते बसों का संचालन दिनभर ठप रहा। कर्मचारियों ने बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में दिनभर धरना दिया। वहीं रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यात्री बस स्टेशनों पर अपने सामान के साथ काफी देर तक भटकते दिखाई दिए। लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। वहीं इस हड़ताल के चलते ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही।
अनुबंधित बस चालक एसोसिएशन की बैठक में कई बिंदुओं चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि संचालन के समय दुर्घटना में बच्चे की मौत होने पर तीन लाख जुर्माना और सात वर्ष की कैद तथा व्यस्क की मौत होने पर एक लाख जुर्माना और चार वर्ष की कैद का प्रावधान किया गया है। इसे समाप्त किया जाना चाहिए। वहीं यातायात के उल्लंघन पर पांच हजार जुर्माना, दूसरी बार दस हजार, तीसरी बार पंद्रह हजार का जुर्माना तथा एक माह तक लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव है, जो गलत है। इसी तरह सीट बेल्ट न पहनने पर पांच हजार, हेलमेट न पहनने पर ढाई हजार, संचालन के समय मोबाइल का प्रयोग करने पर चार हजार, दूसरी बार आठ हजार तथा तीसरी बार दस हजार का दंड रखा गया है। बस चालकों ने इसे गलत बताते हुए इन प्रावधानों को समाप्त करने की मांग की। बैठक को उपाध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, कोषाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा और प्रबंधक संतोष शुक्ला ने संबोधित किया। वहीं दूसरी ओर रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से बुधवार को सुबह से ही यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए बस स्टैंड पर काफी देर तक इंतजार करते रहे। लेकिन काफी देर तक बसों का संचालन न शुरू होने पर यात्रियों को टैक्सियों और ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा।
लखीमपुर से संचालित होती हैं 49 बसें
लखीमपुर रोडवेज बस स्टैंड से 40 बसें ऐरा, लखीमपुर होते हुए लखनऊ के लिए संचालित होती हैं, वहीं नौ बसें गोला और शाहजहांपुर के लिए चलती हैं। इसके अलावा सीतापुर डिपो से जिले में पलिया, निघासन आदि ग्रामीण इलाकों में बसों का संचालन किया जाता है।
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अनुबंधित बस चालक एसोसिएशन की बैठक में कई बिंदुओं चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि संचालन के समय दुर्घटना में बच्चे की मौत होने पर तीन लाख जुर्माना और सात वर्ष की कैद तथा व्यस्क की मौत होने पर एक लाख जुर्माना और चार वर्ष की कैद का प्रावधान किया गया है। इसे समाप्त किया जाना चाहिए। वहीं यातायात के उल्लंघन पर पांच हजार जुर्माना, दूसरी बार दस हजार, तीसरी बार पंद्रह हजार का जुर्माना तथा एक माह तक लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव है, जो गलत है। इसी तरह सीट बेल्ट न पहनने पर पांच हजार, हेलमेट न पहनने पर ढाई हजार, संचालन के समय मोबाइल का प्रयोग करने पर चार हजार, दूसरी बार आठ हजार तथा तीसरी बार दस हजार का दंड रखा गया है। बस चालकों ने इसे गलत बताते हुए इन प्रावधानों को समाप्त करने की मांग की। बैठक को उपाध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, कोषाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा और प्रबंधक संतोष शुक्ला ने संबोधित किया। वहीं दूसरी ओर रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से बुधवार को सुबह से ही यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए बस स्टैंड पर काफी देर तक इंतजार करते रहे। लेकिन काफी देर तक बसों का संचालन न शुरू होने पर यात्रियों को टैक्सियों और ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा।
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लखीमपुर से संचालित होती हैं 49 बसें
लखीमपुर रोडवेज बस स्टैंड से 40 बसें ऐरा, लखीमपुर होते हुए लखनऊ के लिए संचालित होती हैं, वहीं नौ बसें गोला और शाहजहांपुर के लिए चलती हैं। इसके अलावा सीतापुर डिपो से जिले में पलिया, निघासन आदि ग्रामीण इलाकों में बसों का संचालन किया जाता है।
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