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Lakhimpur Kheri News: जेल में ही रावण का पुतला दहन कर विजयदशमी का मनाया था त्योहार
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डॉ. रमाशंकर
मोहम्मदी। मोहल्ला बाजार गंज निवासी डॉ. राम शंकर गुप्ता भगवान श्रीराम के लिए हरदोई की जेल में 44 दिन बंद रहे। बावजूद इसके उनमें श्रीराम मंदिर का जज्बा कम नहीं हुआ।
डॉ. राम शंकर गुप्ता बताते हैं कि 1989 में वह अयोध्या से आई अखंड ज्योति के संयोजक थे। सन 1990 में सितंबर में सुबह तड़के तीन बजे पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस ने कहा कि कोतवाली चलना है। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी पूजा बाकी है। पूजा के बाद ही वह कोतवाली जा सकेंगे। पूजा-अर्चना कर सुबह सात बजे कोतवाली पहुंचे। जहां से पुलिस ने सीधे हरदोई जेल भेज दिया। जेल जाने के बाद भी अयोध्या मंदिर निर्माण का जज्बा कम नहीं हुआ।
वह कहते हैं कि आज मंदिर निर्माण होने जा रहा है। अपार खुशी हो रही है। उन्होंने बताया उनके साथ गुलशन कुमार भसीन और स्वर्गीय रमेश चंद्र गुप्ता, स्वर्गीय प्रेमनाथ मेहरोत्रा, स्वर्गीय रामेश्वर दयाल वर्मा, रमेशचंद्र गुप्ता आदि भी उनके साथ हरदोई जेल में बंद थे। उन्होंने बताया कि दशहरा पर हरदोई जेल में रावण का पुतला फूंककर विजयदशमी का पर्व मनाया था।
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डॉ. राम शंकर गुप्ता बताते हैं कि 1989 में वह अयोध्या से आई अखंड ज्योति के संयोजक थे। सन 1990 में सितंबर में सुबह तड़के तीन बजे पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस ने कहा कि कोतवाली चलना है। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी पूजा बाकी है। पूजा के बाद ही वह कोतवाली जा सकेंगे। पूजा-अर्चना कर सुबह सात बजे कोतवाली पहुंचे। जहां से पुलिस ने सीधे हरदोई जेल भेज दिया। जेल जाने के बाद भी अयोध्या मंदिर निर्माण का जज्बा कम नहीं हुआ।
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वह कहते हैं कि आज मंदिर निर्माण होने जा रहा है। अपार खुशी हो रही है। उन्होंने बताया उनके साथ गुलशन कुमार भसीन और स्वर्गीय रमेश चंद्र गुप्ता, स्वर्गीय प्रेमनाथ मेहरोत्रा, स्वर्गीय रामेश्वर दयाल वर्मा, रमेशचंद्र गुप्ता आदि भी उनके साथ हरदोई जेल में बंद थे। उन्होंने बताया कि दशहरा पर हरदोई जेल में रावण का पुतला फूंककर विजयदशमी का पर्व मनाया था।
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