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Lakhimpur Kheri News: पिता ने कहा-इलाज में लापरवाही से बेटे का कटवाना पड़ा पैर
Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
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गोला में एसडीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग करते धरम सिंह। स्रोत :सोशल मीडिया
- फोटो : संवाद
गोला गोकर्णनाथ। सड़क हादसे में घायल बाइक सवार युवक के पिता ने बेटे के इलाज में लापरवाही का आरोप शहर के जाने-माने डॉ. कौशल वर्मा पर लगाया है। उनका कहना है कि इसी कारण बेटे का एक पैर कटवाना पड़ा। इस मामले में उन्होंने एसडीएम को शिकायती पत्र दिया है। डाॅक्टर का कहना है कि आरोप निराधार हैं।
क्षेत्र के गांव खंजनपुर निवासी धरम सिंह ने एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी को बताया कि 10 दिसंबर को उनका पुत्र गुरजीत सिंह अपनी बुआ बलविंदर कौर के साथ बाइक से कुकरा जंगल मार्ग होते हुए गोला शहर आ रहा था। रास्ते में कार से उसकी बाइक टकरा गई। हादसे में गुरजीत का दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। बलविंदर का भी दाहिना पैर घुटने के ऊपर से टूट गया। दोनों को गोला बाइपास मार्ग स्थित सनशाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. कौशल वर्मा ने इलाज में लापरवाही की। उनके पास ऑपरेशन की जरूरी सुविधाएं नहीं थी। फिर भी गुरजीत सिंह को पांच दिन भर्ती रखने के बाद छठे दिन दूसरी जगह ले जाने के लिए कह दिया गया।
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लखनऊ में डॉक्टर ने बताया कि देरी के चलते टांग सूख चुकी है। अब ऑपरेशन संभव नहीं है। इसके बाद गुरजीत की टांग काट दी गई। पिता ने इसके लिए डॉ. कौशल वर्मा को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
-- -प्लास्टर खोलने पर आ गई थी सूजन : डाॅ. काैशल-- -
डॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि कुछ राजनीतिक लोगों ने द्वेष भावना के चलते सनशाइन हॉस्पिटल के विरुद्ध षड्यंत्र रचा है। इसके तहत मरीज गुरजीत सिंह के परिजनों को बरगलाकर निराधार आरोप लगवाया है। गुरजीत शाम के समय हॉस्पिटल लाए गए थे। एक्सरे में उसकी हड्डी घुटने के पास से टूटी हुई थी। उसको टेंपरेरी प्लास्टर लगाया था, तब हालत सही थी। अगले दिन प्लास्टर खोलने पर कुछ सूजन थी। पैरों की सभी अंगुलियों में ऑक्सीजन सप्लाई नॉर्मल थी। सूजन की वजह से सर्जरी नहीं की। मरीज को बोला गया था कि सूजन कम होगी, तभी कुछ किया जाएगा। फिर तीसरे दिन संदेह के चलते डॉप्लर जांच कराई। इसमें ब्लड सप्लाई प्रॉपर नहीं दिखी। इसे देखते हुए शाम 4 बजे वैस्कुलर सर्जन के पास उसे भेज दिया गया। अस्पताल की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। हॉस्पिटल प्रबंधन ऐसे भ्रम फैलाने वाले एवं हॉस्पिटल की छवि को धूमिल करने वाले लोगों और नेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करेगा।
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क्षेत्र के गांव खंजनपुर निवासी धरम सिंह ने एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी को बताया कि 10 दिसंबर को उनका पुत्र गुरजीत सिंह अपनी बुआ बलविंदर कौर के साथ बाइक से कुकरा जंगल मार्ग होते हुए गोला शहर आ रहा था। रास्ते में कार से उसकी बाइक टकरा गई। हादसे में गुरजीत का दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। बलविंदर का भी दाहिना पैर घुटने के ऊपर से टूट गया। दोनों को गोला बाइपास मार्ग स्थित सनशाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
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आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. कौशल वर्मा ने इलाज में लापरवाही की। उनके पास ऑपरेशन की जरूरी सुविधाएं नहीं थी। फिर भी गुरजीत सिंह को पांच दिन भर्ती रखने के बाद छठे दिन दूसरी जगह ले जाने के लिए कह दिया गया।
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लखनऊ में डॉक्टर ने बताया कि देरी के चलते टांग सूख चुकी है। अब ऑपरेशन संभव नहीं है। इसके बाद गुरजीत की टांग काट दी गई। पिता ने इसके लिए डॉ. कौशल वर्मा को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
डॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि कुछ राजनीतिक लोगों ने द्वेष भावना के चलते सनशाइन हॉस्पिटल के विरुद्ध षड्यंत्र रचा है। इसके तहत मरीज गुरजीत सिंह के परिजनों को बरगलाकर निराधार आरोप लगवाया है। गुरजीत शाम के समय हॉस्पिटल लाए गए थे। एक्सरे में उसकी हड्डी घुटने के पास से टूटी हुई थी। उसको टेंपरेरी प्लास्टर लगाया था, तब हालत सही थी। अगले दिन प्लास्टर खोलने पर कुछ सूजन थी। पैरों की सभी अंगुलियों में ऑक्सीजन सप्लाई नॉर्मल थी। सूजन की वजह से सर्जरी नहीं की। मरीज को बोला गया था कि सूजन कम होगी, तभी कुछ किया जाएगा। फिर तीसरे दिन संदेह के चलते डॉप्लर जांच कराई। इसमें ब्लड सप्लाई प्रॉपर नहीं दिखी। इसे देखते हुए शाम 4 बजे वैस्कुलर सर्जन के पास उसे भेज दिया गया। अस्पताल की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। हॉस्पिटल प्रबंधन ऐसे भ्रम फैलाने वाले एवं हॉस्पिटल की छवि को धूमिल करने वाले लोगों और नेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करेगा।