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Lakhimpur Kheri News: 40 साल से फाइलों में कैद नगर पालिका का विस्तार
Thu, 05 Feb 2026 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:24 PM IST
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार का मामला बीते करीब चार दशकों से फाइलों में ही उलझा हुआ है। समय-समय पर प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के दावे होते रहे, लेकिन आज तक विस्तार जमीन पर उतर नहीं सका। इसका खामियाजा शहर से सटे उन गांवों और नई बसावटों को भुगतना पड़ रहा है, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
करीब 40 साल पहले सीमित दायरे में रहा शहर अब तेजी से फैल चुका है। शहर से सटे 11 गांवों में प्लाॅटिंग के बाद नई बस्तियां बस गई हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, इन गांवों की आबादी करीब 81 हजार थी, जो अब बढ़कर करीब 1.30 लाख के आसपास पहुंच चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका सीमा में शामिल न होने से इन इलाकों को साफ पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइटें और पक्की सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संवाद
-- -हर 10 साल में विस्तार का है नियम-- -
नियम के अनुसार, हर 10 साल में सीमा विस्तार होना चाहिए लेकिन लखीमपुर में यह प्रक्रिया करीब 40 साल से ठप है। कई बार शासन से पत्राचार हुआ लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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-- -1976 में हुआ था आखिरी विस्तार-- -
नगर पालिका का आखिरी सीमा विस्तार वर्ष 1976 में हुआ था, जब मोहल्ला बड़खेरवा को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद 11 गांवों को जोड़ने की प्रक्रिया कई बार शुरू हुई लेकिन हर बार अधूरी रह गई।
-- -इन गांवों का होगा विस्तार में समावेश-- -
आंशिक रूप से शामिल होने वाले गांव: बांसखेड़ा, सलेमपुर कोन, पहाड़ापुर, छाउछ, मिदनियां।
पूरी तरह शामिल होने वाले गांव : राजापुर, सैधरी, उदयपुर, लखीमपुर ग्रामीण, नौरंगाबाद व प्यारेपुर का छूटा हिस्सा।
-- -नगर पालिका में शामिल होने पर मिलेंगी सुविधाएं-- -
-नियमित साफ-सफाई व्यवस्था
-सड़कों पर पथ प्रकाश
-पक्की सड़क व गलियों का निर्माण
-जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण
-- -- -- -- -- -- -- -नगर पालिका सीमा विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही 11 गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
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करीब 40 साल पहले सीमित दायरे में रहा शहर अब तेजी से फैल चुका है। शहर से सटे 11 गांवों में प्लाॅटिंग के बाद नई बस्तियां बस गई हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, इन गांवों की आबादी करीब 81 हजार थी, जो अब बढ़कर करीब 1.30 लाख के आसपास पहुंच चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका सीमा में शामिल न होने से इन इलाकों को साफ पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइटें और पक्की सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संवाद
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नियम के अनुसार, हर 10 साल में सीमा विस्तार होना चाहिए लेकिन लखीमपुर में यह प्रक्रिया करीब 40 साल से ठप है। कई बार शासन से पत्राचार हुआ लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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नगर पालिका का आखिरी सीमा विस्तार वर्ष 1976 में हुआ था, जब मोहल्ला बड़खेरवा को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद 11 गांवों को जोड़ने की प्रक्रिया कई बार शुरू हुई लेकिन हर बार अधूरी रह गई।
आंशिक रूप से शामिल होने वाले गांव: बांसखेड़ा, सलेमपुर कोन, पहाड़ापुर, छाउछ, मिदनियां।
पूरी तरह शामिल होने वाले गांव : राजापुर, सैधरी, उदयपुर, लखीमपुर ग्रामीण, नौरंगाबाद व प्यारेपुर का छूटा हिस्सा।
-नियमित साफ-सफाई व्यवस्था
-सड़कों पर पथ प्रकाश
-पक्की सड़क व गलियों का निर्माण
-जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद