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Lakhimpur Kheri News: बुनियादी ढांचा ध्वस्त होने से सीजी इंटर कॉलेज की शिक्षण व्यवस्था बदहाल
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सीजी इंटर कालेज का मुख्य द्वार।संवाद
पसगवां। केन ग्रोवर्स इंटर कॉलेज जंगबहादुरगंज में प्राधिकृत नियंत्रक पद पर डीआईओएस की नियुक्ति होने के आठ माह बाद भी कॉलेज कायाकल्प की दिशा में आगे नहीं बढ़ सका है। बुनियादी ढांचा कमजोर होने का परिणाम शिक्षकों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
केन ग्रोवर्स इंटर कॉलेज को 1953 में हाईस्कूल और 1964 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। नब्बे के दशक में विद्यालय राजनीतिक अखाड़े का केंद्र बन गया। प्रधानाचार्य और प्रबंधतंत्र के विवाद में 1995 में कॉलेज में एकल संचालन कर दिया गया। प्रबंधक के खातों पर रोक लगा दी गई।
एकल संचालन होने से देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गया। फर्नीचर व अन्य सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। 23 नवंबर 2024 को प्राधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति होने के बाद भी अधिकारियों की अरुचि के कारण कोई विकास कार्य नहीं हो सका। कार्यवाहक प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र ने बताया कि प्राधिकृत नियंत्रक से 250 सेट फर्नीचर मांगा गया है, लेकिन नहीं मिला। अधिकांश बिल्डिंग जर्जर है। फिलहाल भीषण गर्मी में एक कक्ष में सौ बच्चों को बैठाया जा रहा है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में भवन निर्माण के लिए टीम अभी गठन नहीं हुई है। इससे छात्र और शिक्षक परेशान हैं।
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कॉलेज में प्रधानाचार्य का पद है रिक्त
इंटरमीडिएट कक्षाओं में छात्र संख्या के आधार पर प्रवक्ता पद पूर्ण है, लेकिन इतिहास और अंग्रेजी के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। एलटी ग्रेट में छह पद रिक्त हैं। हालांकि चार पदों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा गया है, जबकि 2100 छात्र-छात्राएं शिक्षारत हैं। कॉलेज में प्रधानाचार्य का भी पद रिक्त है।
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केन ग्रोवर्स इंटर कॉलेज को 1953 में हाईस्कूल और 1964 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। नब्बे के दशक में विद्यालय राजनीतिक अखाड़े का केंद्र बन गया। प्रधानाचार्य और प्रबंधतंत्र के विवाद में 1995 में कॉलेज में एकल संचालन कर दिया गया। प्रबंधक के खातों पर रोक लगा दी गई।
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एकल संचालन होने से देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गया। फर्नीचर व अन्य सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। 23 नवंबर 2024 को प्राधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति होने के बाद भी अधिकारियों की अरुचि के कारण कोई विकास कार्य नहीं हो सका। कार्यवाहक प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र ने बताया कि प्राधिकृत नियंत्रक से 250 सेट फर्नीचर मांगा गया है, लेकिन नहीं मिला। अधिकांश बिल्डिंग जर्जर है। फिलहाल भीषण गर्मी में एक कक्ष में सौ बच्चों को बैठाया जा रहा है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में भवन निर्माण के लिए टीम अभी गठन नहीं हुई है। इससे छात्र और शिक्षक परेशान हैं।
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कॉलेज में प्रधानाचार्य का पद है रिक्त
इंटरमीडिएट कक्षाओं में छात्र संख्या के आधार पर प्रवक्ता पद पूर्ण है, लेकिन इतिहास और अंग्रेजी के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। एलटी ग्रेट में छह पद रिक्त हैं। हालांकि चार पदों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा गया है, जबकि 2100 छात्र-छात्राएं शिक्षारत हैं। कॉलेज में प्रधानाचार्य का भी पद रिक्त है।