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गौशाला निर्माण पूरा न होने से गोवंशी खेतों में बर्बाद कर रहे फसलें

Sun, 13 Feb 2022 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 12:51 AM IST
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The construction of cowshed, the cows ruining the unfinished crop
बरबर कस्बे के निकट खेतों में मौजूद गोवंशी पशु - फोटो : LAKHIMPUR
बरबर। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में गोशाला न होने से बेसहारा गोवंश किसानों के लिए समस्या बने हुए है। नगर पंचायत से एक करोड़ 64 लाख की कीमत से बन रहा कान्हा गोशाला का निर्माण अधर में है। गोशाला निर्माण की लिए अभी पहली किस्त 82 लाख रुपये की धनराशि शासन ने अवमुक्त की है। दूसरी क़िस्त अभी तक न मिल पाने के कारण गोशाला का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। यह विधानसभा चुनाव का मुद्दा बना हुआ है।
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नगर के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित सुरेश गुप्ता का कहना है कि यदि नगर पंचायत समय से पहली किस्त का प्रयोग कर लेती तो दूसरी क़िस्त भी समय पर आकर उपयोग हो सकती थी। ऐसा होता तो शायद आवारा पशुओं से किसानों को निजात मिल जाती। यह गोशाला पिछले दो वर्षों से बन रही है। जलील नगर निवासी समाजसेवी गंगाराम सक्सेना का कहना है।
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नगर पंचायत की लापरवाही का खामियाजा किसान झेल रहे हैं। ग्राम गलरई निवासी पवनेश सोनी का कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण किसानों को रात खेतों मे ही गुजारनी पड़ रही है। नगर के युवा गौरव गुप्ता का कहना है कि यदि नगर पंचायत चाहती तो किसानों को रात में खेत बचाना नहीं पड़ता और सरकारी धन का सदुपयोग भी होता क्योंकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आवारा पशु सड़कों पर घूमते है।
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इससे आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
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