{"_id":"6727b976e44671f9ba05fc21","slug":"the-cage-has-been-installed-in-kurtaiha-village-for-a-month-the-wolf-is-out-of-reach-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-132520-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कुर्तैहा गांव में एक महीने से लगा पिंजरा, भेड़िया पकड़ से दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कुर्तैहा गांव में एक महीने से लगा पिंजरा, भेड़िया पकड़ से दूर
विज्ञापन
बिना जानवर के कुर्तेहा गांव में वन विभाग ने लगाया पिंजड़ाफोटो स्रोत : ग्रामीण
लखीमपुर। धौरहरा रेंज के गांव कुर्तैहा में भेड़िया को पकड़ने के लिए वन विभाग ने एक महीने पहले पिंजरा लगाया था, लेकिन भेड़िया अब तक पकड़ से दूर है। सिसैया में हुए हादसे से ग्रामीण दहशत में हैं। भेड़िये के न पकड़े जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष है।
पांच सितंबर शनिवार को गांव के हैदर की चार वर्षीय पुत्री रिजा बनो, मां सरमीन जहां के साथ टिनशेड के बने कमरे में सो रहीं थीं। कमरे के दरवाजे खुला थे। रात करीब तीन बजे भेड़िया घर में घुसकर मां के साथ सो रही रिजा बानो को उठाकर भाग निकला था। इसकी वजह से रिजा की मौत हो गई थी। 12 अक्टूबर को मुजफ्फर के यहां भेड़िया घर में घुसकर बकरे को उठा ले गया था।
ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि भेड़िया बहराइच जिले से नदी पार करके आया है। एक महीने से भेड़िये गांव के आसपास झुंड में घूम रहे हैं। लोग भेड़िये के भय से खेतों की तरफ अकेले जाने में डरते हैं। रेंजर धौरहरा निरपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में कैमरे लगाए गए थे। कुर्तैहा गांव में पिंजरा लगा है। अब भेड़िया कोई हमला भी नहीं कर रहा है। पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच सितंबर शनिवार को गांव के हैदर की चार वर्षीय पुत्री रिजा बनो, मां सरमीन जहां के साथ टिनशेड के बने कमरे में सो रहीं थीं। कमरे के दरवाजे खुला थे। रात करीब तीन बजे भेड़िया घर में घुसकर मां के साथ सो रही रिजा बानो को उठाकर भाग निकला था। इसकी वजह से रिजा की मौत हो गई थी। 12 अक्टूबर को मुजफ्फर के यहां भेड़िया घर में घुसकर बकरे को उठा ले गया था।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि भेड़िया बहराइच जिले से नदी पार करके आया है। एक महीने से भेड़िये गांव के आसपास झुंड में घूम रहे हैं। लोग भेड़िये के भय से खेतों की तरफ अकेले जाने में डरते हैं। रेंजर धौरहरा निरपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में कैमरे लगाए गए थे। कुर्तैहा गांव में पिंजरा लगा है। अब भेड़िया कोई हमला भी नहीं कर रहा है। पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन