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Lakhimpur Kheri News: सलाखों के पीछे भी कायम रहा भाई-बहन का रिश्ता
Fri, 28 Aug 2026 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:43 PM IST
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जिला जेल में बंदी भाई को राखी बांधती बहन। स्रोत: जेल प्रशासन
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन पर जिला कारागार में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली। सुबह आठ बजे से मिलाई शुरू हुई और देर शाम तक जारी रही।
जेल में बंद भाइयों से मिलने बहनें पहुंचीं तो महिला बंदियों से मिलने भाई भी आए। बहनों ने भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया।शुक्रवार सुबह जिला कारागार के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने भाइयों से मुलाकात की और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जेल परिसर में भावुक माहौल रहा।जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि बड़ी संख्या में महिलाएं जेल पहुंचीं। सभी को नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर क्रमवार बंदियों से मिलाया गया। जेल परिसर के बाहर उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति की ओर से शिविर लगाया गया। समिति की सचिव सरोज मिश्रा के नेतृत्व में महिलाओं को मुलाकात में मदद की गई और राखियां वितरित की गईं।
जिला कारागार में निरुद्ध 410 बंदी भाइयों से मिलने करीब 600 महिलाएं पहुंचीं। उनके साथ 400 बच्चे भी आए। वहीं, 10 महिला बंदियों से मिलने 16 भाई पहुंचे। भाइयों ने बहनों से टीका करवाकर उनका आशीर्वाद लिया।
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जेल में बंद भाइयों से मिलने बहनें पहुंचीं तो महिला बंदियों से मिलने भाई भी आए। बहनों ने भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया।शुक्रवार सुबह जिला कारागार के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने भाइयों से मुलाकात की और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जेल परिसर में भावुक माहौल रहा।जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि बड़ी संख्या में महिलाएं जेल पहुंचीं। सभी को नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर क्रमवार बंदियों से मिलाया गया। जेल परिसर के बाहर उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति की ओर से शिविर लगाया गया। समिति की सचिव सरोज मिश्रा के नेतृत्व में महिलाओं को मुलाकात में मदद की गई और राखियां वितरित की गईं।
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जिला कारागार में निरुद्ध 410 बंदी भाइयों से मिलने करीब 600 महिलाएं पहुंचीं। उनके साथ 400 बच्चे भी आए। वहीं, 10 महिला बंदियों से मिलने 16 भाई पहुंचे। भाइयों ने बहनों से टीका करवाकर उनका आशीर्वाद लिया।

जिला जेल में बंदी भाई को राखी बांधती बहन। स्रोत: जेल प्रशासन
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