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Lakhimpur Kheri News: गोमती नदी पर बन रहा पुल बदल देगा मढ़िया घाट का भविष्य
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पुजारी शंकर लाल
मैगलगंज। ग्राम पंचायत नयागांव स्थित पौराणिक मढ़िया घाट पर गोमती नदी के ऊपर राज्य सेतु निगम पुल का निर्माण करा रहा है। यह पुल मढ़िया घाट को हरदोई जिले के साथीनगर, पिहानी समेत एक दर्जन गांवों से जोड़ेगा। करीब 1497.81 लाख की लागत से 120 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। सेतु निगम के अधिकारियों का दावा है कि यह पुल सितंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल का निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि सावन के महीने में हजारों शिवभक्तों को भी राहत मिलेगी। अभी बारिश के मौसम में गोमती नदी उफान पर होती है। इससे राहगीरों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। इस पुल के निर्माण से धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर मढ़िया घाट का कायाकल्प होने की उम्मीद है। आने वाले वर्षो में यह क्षेत्र पर्यटन व सांस्कृतिक दृष्टि से और भी अधिक महत्वपूर्ण बन सकता है।
लोग बोले- अभी जान हथेली पर रखकर पार करते हैं शारदा नदी
हम लोगों को रोजी-रोटी चलाने के लिए केवल मढ़िया घाट का ही सहारा है। सावन में गोमती नदी अपने उफान पर होती है तो नदी पार करने में डर लगता है। पुल बन जाने से रास्ता सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। - बाराती लाल, फूल विक्रेता
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पुल बनने से मढ़िया घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। भक्तों को मढ़िया घाट आने के लिए इधर-उधर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। - शंकर लाल, मुख्य पुजारी मढ़िया घाट
वैदिक गुरुकुल में दूर-दराज से बटुक आते हैं। पुल बनने के बाद उनकी संख्या में बढ़ोतरी होगी। मढ़िया घाट शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बन सकता है। - राजीव द्विवेदी, गुरुकुल प्रधानाध्यापक
यहां सावन में बहुत भीड़ होती है, लेकिन यातायात की दिक्कत से यजमान यहां नहीं आ पाते हैं। पुल बन जाएगा तो यजमान भी आएंगे और व्यापार भी बढ़ेगा।- गंगा जोशी, पुरोहित
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पुल का निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि सावन के महीने में हजारों शिवभक्तों को भी राहत मिलेगी। अभी बारिश के मौसम में गोमती नदी उफान पर होती है। इससे राहगीरों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। इस पुल के निर्माण से धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर मढ़िया घाट का कायाकल्प होने की उम्मीद है। आने वाले वर्षो में यह क्षेत्र पर्यटन व सांस्कृतिक दृष्टि से और भी अधिक महत्वपूर्ण बन सकता है।
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लोग बोले- अभी जान हथेली पर रखकर पार करते हैं शारदा नदी
हम लोगों को रोजी-रोटी चलाने के लिए केवल मढ़िया घाट का ही सहारा है। सावन में गोमती नदी अपने उफान पर होती है तो नदी पार करने में डर लगता है। पुल बन जाने से रास्ता सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। - बाराती लाल, फूल विक्रेता
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पुल बनने से मढ़िया घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। भक्तों को मढ़िया घाट आने के लिए इधर-उधर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। - शंकर लाल, मुख्य पुजारी मढ़िया घाट
वैदिक गुरुकुल में दूर-दराज से बटुक आते हैं। पुल बनने के बाद उनकी संख्या में बढ़ोतरी होगी। मढ़िया घाट शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बन सकता है। - राजीव द्विवेदी, गुरुकुल प्रधानाध्यापक
यहां सावन में बहुत भीड़ होती है, लेकिन यातायात की दिक्कत से यजमान यहां नहीं आ पाते हैं। पुल बन जाएगा तो यजमान भी आएंगे और व्यापार भी बढ़ेगा।- गंगा जोशी, पुरोहित

पुजारी शंकर लाल

पुजारी शंकर लाल

पुजारी शंकर लाल

पुजारी शंकर लाल