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Lakhimpur Kheri News: मीठी गोली वाले अस्पताल में अव्यस्थाओं की कड़वाहट

Fri, 02 Jan 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Fri, 02 Jan 2026 11:10 PM IST
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The bitterness of mismanagement in the sweet-pill hospital
छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद
लखीमपुर खीरी। मीठी गोली वाले जिला होम्योपैथिक अस्पताल को अव्यवस्थाओं की कड़वाहट घेरे हुए है। टीबी अस्पताल परिसर के एक भवन में छोटे-छोटे दो कमरों में संचालित अस्पताल में शौचालय तक नहीं है, जबकि यहां महिला कर्मचारी भी तैनात हैं। महिला मरीज भी दवा लेने के लिए आती हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार इस समस्या का समाधान करा पाने में नाकाम हैं।
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अस्पताल के एक कमरे में अलमारी रखी है। दवाओं को भी इसी कमरे में स्टोर किया जाता है। उसी कमरे में डॉक्टर भी ओपीडी करते हैं। दूसरा कमरा फार्मासिस्ट का है, जहां से दवाओं का वितरण होता है। दोनों कमरे इतने छोटे हैं कि उसमें ठीक से कुर्सी, मेज भी नहीं पड़ पाती हैं, तो मरीजों के बैठने की बात तो दूर की है। कमरों के बाहर थोड़ी जगह है, जहां मरीजों को खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार करना होता है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत बरसात में होती हैं। कमरों में पानी भर जाता है। बरसात के पिछले सीजन में दोनों कमरों में पानी भर जाने से दवाओं के गत्ते सहित काफी सामान भीग गया था, जिससे काफी नुकसान भी हुआ था।
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पहले यह जिला अस्पताल परिसर में संचालित था। वहां मेडिकल कॉलेज बनने से इसको दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। अब तीसरी बार टीबी अस्पताल परिसर से इसका संचालन हो रहा है। बार-बार स्थान बदल जाने से अधिकांश मरीजों को इसके बारे में पता नहीं है। हालांकि, अस्पताल की ओर से बड़ा सा बोर्ड लगाया गया है। इन अव्यवस्थाओं के चलते यहां मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। संवाद
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अस्पताल की मंजूरी, नहीं मिली जमीन
अस्पताल को खुद का नया भवन बनाने की मंजूरी काफी साल पहले ही मिल चुकी है। दुर्भाग्य है कि प्रशासन अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करा सका। प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा अस्पताल का स्टाफ व मरीज भुगतने को मजबूर है।
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शौचालय की बात तो छोड़ो यहां तो बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। काफी देर तक खड़ा होना पड़ता है। जिम्मेदारों को व्यवस्थाएं बढ़ानी चाहिए।
-राजाराम
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होम्योपैथिक अस्पताल में दवाएं तो अच्छी मिलती हैं। स्टाफ का व्यवहार भी ठीक है लेकिन बैठने व शौचालय की व्यवस्था न होने से दिक्कतें होती हैं।
-राम रतन
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अस्पताल के पास खुद का भवन न होने से कुछ दिक्कतें हो रही हैं। अस्पताल के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। दिक्कतों काे देखते हुए लगातार प्रयास जारी हैं।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला होम्योपैथिक अधिकारी
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जिला होम्योपैथिक अस्पताल से संबंधित मामला उनके सामने नहीं आया है। अगर ऐसा है, तो जमीन तलाश को लेकर विशेष प्रयास करते हैं। जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।


-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम प्रशासन

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

छोटे से कमरें में ओपीडी करते हुए डॉ. हरीलाल। संवाद

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