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बकाए को लेकर बजाज ग्रुप की तीन मिलों पर छापे
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:40 PM IST
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चीनी मिल
- फोटो : अमर उजाला
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बकाए को लेकर बजाज ग्रुप की तीन मिलों पर छापे
हाजिर नहीं हुए तो फरार घोषित होंगे सभी अध्यासी
डीएम ने आरसी जारी करने के लिए शासन से मांगी अनुमति
लखीमपुर खीरी। किसानों को चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर बजाज ग्रुप की तीन चीनी मिलों के अध्यासी पांच दिन पहले मुकदमा दर्ज होने के बाद भी हाजिर नहीं हुए तो प्रशासन ने बृहस्पतिवार देर रात छापे मारे। हालांकि छापा मारने गए अधिकारियों को मिलों के गेट बंद मिले और एक भी अध्यासी पकड़ में नहीं आया। चपरासी बनकर बेडरूम में सोए गोला गोकर्णनाथ की मिल में डायरेक्टर ऑपरेशंस अशोक कुमार गुप्ता से मिलने के लिए एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता और सीओ अनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव को दरवाजा तुड़वाना पड़ा। हालांकि बाद में डायरेक्टर को हृदयरोगी बताने, दवा दिखाने और मुकदमे में नाम न होने के कारण छोड़ दिया गया।
गन्ना भुगतान में तेजी लाने में आदेश के बाद भी चार दिन तक भुगतान न करने और पेमेंट शेड्यूल न देने पर डीएम आकाशदीप ने 10 अप्रैल को बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा चीनी मिल के अध्यासियों के खिलाफ साजिशन गन्ना भुगतान न करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी गन्ना भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। बृहस्पतिवार की रात डीएम के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, चीनी मिल क्षेत्रों के संबंधित एसडीएम और सीओ मिलों पर पहुंचे। हालांकि छापे की सूचना उनसे पहले पहुंच गई और मिलों के गेट बंद कर लिए गए। अधिकारियों को गेट खुलवाने में 20 मिनट से लेकर आधा घंटा तक लग गया। मिलों में कोई भी अध्यासी नहीं मिला।
सीओ सिटी एमपी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मिल में छापा मारकर अध्यासी की तलाश की बाबत सूचना दे दी है। कार्रवाई में सहयोग नहीं करने पर वे फरार घोषित किए जाएंगे। वहीं, डीएम आकाशदीप ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान कराना शासन की प्राथमिकता है। शासन से बजाज ग्रुप की मिलों पर बकाया वसूलने के लिए आरसी जारी कराने की अनुमति ली जा रही है। अनुमति मिलते ही मिलों की संपत्ति भी कुर्क की जाएगी।
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हाजिर नहीं हुए तो फरार घोषित होंगे सभी अध्यासी
डीएम ने आरसी जारी करने के लिए शासन से मांगी अनुमति
लखीमपुर खीरी। किसानों को चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर बजाज ग्रुप की तीन चीनी मिलों के अध्यासी पांच दिन पहले मुकदमा दर्ज होने के बाद भी हाजिर नहीं हुए तो प्रशासन ने बृहस्पतिवार देर रात छापे मारे। हालांकि छापा मारने गए अधिकारियों को मिलों के गेट बंद मिले और एक भी अध्यासी पकड़ में नहीं आया। चपरासी बनकर बेडरूम में सोए गोला गोकर्णनाथ की मिल में डायरेक्टर ऑपरेशंस अशोक कुमार गुप्ता से मिलने के लिए एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता और सीओ अनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव को दरवाजा तुड़वाना पड़ा। हालांकि बाद में डायरेक्टर को हृदयरोगी बताने, दवा दिखाने और मुकदमे में नाम न होने के कारण छोड़ दिया गया।
गन्ना भुगतान में तेजी लाने में आदेश के बाद भी चार दिन तक भुगतान न करने और पेमेंट शेड्यूल न देने पर डीएम आकाशदीप ने 10 अप्रैल को बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा चीनी मिल के अध्यासियों के खिलाफ साजिशन गन्ना भुगतान न करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी गन्ना भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। बृहस्पतिवार की रात डीएम के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, चीनी मिल क्षेत्रों के संबंधित एसडीएम और सीओ मिलों पर पहुंचे। हालांकि छापे की सूचना उनसे पहले पहुंच गई और मिलों के गेट बंद कर लिए गए। अधिकारियों को गेट खुलवाने में 20 मिनट से लेकर आधा घंटा तक लग गया। मिलों में कोई भी अध्यासी नहीं मिला।
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सीओ सिटी एमपी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मिल में छापा मारकर अध्यासी की तलाश की बाबत सूचना दे दी है। कार्रवाई में सहयोग नहीं करने पर वे फरार घोषित किए जाएंगे। वहीं, डीएम आकाशदीप ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान कराना शासन की प्राथमिकता है। शासन से बजाज ग्रुप की मिलों पर बकाया वसूलने के लिए आरसी जारी कराने की अनुमति ली जा रही है। अनुमति मिलते ही मिलों की संपत्ति भी कुर्क की जाएगी।
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