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Lakhimpur Kheri News: अब फ्लिपकार्ट और अमेजन पर मिलेंगे थारू शिल्प उत्पाद
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हस्तशिल्प उत्पाद एवं विक्रय केंद्र पर थारूजनजाति की महिलाएं। स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। थारू जनजाति की महिलाएं जलकुंभी, केले के रेसे और अन्य प्राकृतिक सामग्री से हस्तशिल्प उत्पादों को तैयार करती हैं, जो काफी आकर्षक होते हैं। यह उत्पादन एक जिला, एक उत्पाद योजना में भी शामिल है। थारू जनजाति की महिलाओं के हाथों से तैयार इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिलने जा रहा है। जी, हां अब यह उत्पाद फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर मिलेंगे।
फ्लिपकार्ट और अमेज़न के माध्यम से उत्पाद अब देश-विदेश तक अपनी छाप छोड़ेंगे। साथ ही इसके माध्यम से अब कारोबार भी उछाल मारेगा। थारू शिल्प उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें उत्पादों के फोटो रेट लिस्ट के साथ अपलोड किए जाएंगे, जिसमें डलिया, टोकरियां, दरी, कारपेट, योग आसन, टोपी, झोला आदि करीब 35 प्रकार से अधिक सामग्री हैं, जिनको थारू जनजाति की महिलाएं अपने हाथों से तैयार करती हैं, जिसको अब एक अलग पहचान मिलने जा रहा है।
उत्पाद एवं विक्रय केंद्र से मिल रही मदद
थारू जनजाति की महिलाएं की प्रतिभा निखारने और उनके विकास के लिए शासन स्तर से कई बड़े प्रयास किए जा रहे है। थारू महिलाओं के लिए चंदन चौकी के ग्राम बालेरा एकीकृत जनजाति विकास विभाग परियोजना के तहत थारू जनजाति हस्तशिल्प उत्पाद व विक्रय केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र के माध्यम से 100 आदिवासी महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
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थारू शिल्प उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का काम किया जा रहा है। क्यूआर कोड जारी हो चुके हैं। आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिलने से कारोबार तो बढ़ेगा ही, पहचान भी मिलेगी।
-यूके सिंह, परियोजना अधिकारी जनजाति विभाग
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फ्लिपकार्ट और अमेज़न के माध्यम से उत्पाद अब देश-विदेश तक अपनी छाप छोड़ेंगे। साथ ही इसके माध्यम से अब कारोबार भी उछाल मारेगा। थारू शिल्प उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें उत्पादों के फोटो रेट लिस्ट के साथ अपलोड किए जाएंगे, जिसमें डलिया, टोकरियां, दरी, कारपेट, योग आसन, टोपी, झोला आदि करीब 35 प्रकार से अधिक सामग्री हैं, जिनको थारू जनजाति की महिलाएं अपने हाथों से तैयार करती हैं, जिसको अब एक अलग पहचान मिलने जा रहा है।
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उत्पाद एवं विक्रय केंद्र से मिल रही मदद
थारू जनजाति की महिलाएं की प्रतिभा निखारने और उनके विकास के लिए शासन स्तर से कई बड़े प्रयास किए जा रहे है। थारू महिलाओं के लिए चंदन चौकी के ग्राम बालेरा एकीकृत जनजाति विकास विभाग परियोजना के तहत थारू जनजाति हस्तशिल्प उत्पाद व विक्रय केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र के माध्यम से 100 आदिवासी महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
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थारू शिल्प उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का काम किया जा रहा है। क्यूआर कोड जारी हो चुके हैं। आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिलने से कारोबार तो बढ़ेगा ही, पहचान भी मिलेगी।
-यूके सिंह, परियोजना अधिकारी जनजाति विभाग