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Lakhimpur Kheri News: खकरेड़ा पर्व पर थारू समाज ने किया होली का विसर्जन
Wed, 11 Mar 2026 11:12 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:12 PM IST
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धनगढ़ी गांव में होली पर्व समापन मनाते थारू समुदाय के लोग। संवाद
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रदेश में थारू समुदाय की पारंपरिक होली का समापन खकरेड़ा पर्व के साथ हो गया। सवा महीने से अधिक समय तक चले इस सांस्कृतिक उत्सव का अंतिम दिन गांवों में पूजा-अर्चना, नृत्य और सामूहिक भोज के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर प्रदेश सरकार ने अवकाश भी घोषित किया था।
थारू समुदाय में होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं बल्कि लंबा सांस्कृतिक पर्व माना जाता है। इसकी शुरुआत माघ पूर्णिमा को होली के प्रतीक पुतले की स्थापना से होती है, जिसे स्थानीय भाषा में जिंदा होली कहा जाता है। इसके बाद करीब एक माह तक नाच-गान और उत्सव का दौर चलता है।
फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन के बाद अगले आठ दिनों तक मरी होली मनाई जाती है। इन दिनों थारू बस्तियों में पारंपरिक नृत्य और गीतों का आयोजन होता है। अंतिम दिन गांव की सीमा पर जाकर सामूहिक पूजा-अर्चना कर खकरेड़ा पर्व मनाया जाता है और इसके साथ होली उत्सव का समापन हो जाता है।
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धनगढ़ी वार्ड नंबर 8 के भलमंसा भज्जी राना ने बताया कि थारू संस्कृति में होली सवा महीने तक चलने वाला महापर्व है। इसमें जिंदा होली और मरी होली की अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं।
धनगढ़ी उपमहानगरपालिका की उपमेयर नंदकला राना ने कहा कि मरी होली के दौरान थारू बस्तियों में अद्भुत सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलता है। पुरुष और महिलाएं एक ही ताल और सुर में पारंपरिक नृत्य करते हैं, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं।
खकरेड़ा पर्व के दिन सामूहिक भोज और मेल-मिलाप के साथ इस लंबे उत्सव का समापन हुआ। इसके साथ ही अब थारू गांवों में खेती-किसानी की गतिविधियां फिर से तेज होने लगी हैं।
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होली मिलन समारोह में गले मिलकर दी बधाई
मोहम्मदी। बार एसोसिएशन मोहम्मदी के तत्वावधान में रामभजन सभागार में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि जिला जज शिवकुमार सिंह ने कहा कि होली का त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। यह ऐसा पर्व है जो छोटे-बड़े, अमीर-गरीब के भेदभाव को मिटाकर लोगों को एक सूत्र में बांधता है।
अपर जिला जज मोहम्मदी अनिल सिंह राणा ने भी सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट अक्षिता, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रजत प्रकाश, एसडीएम चलुबुराज आर और सीओ अरुण कुमार सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार संघ अध्यक्ष अवधेश चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि होली का त्योहार समाज में प्रेम और एकता का संदेश देता है और हमें मिलजुलकर रहने की प्रेरणा देता है। संवाद
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पेंशनर्स संस्था के होली मिलन में बही काव्य की रसधारा
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की ओर से बुधवार को जिला कोषागार स्थित पेंशनर्स भवन में डॉ. ओपी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। काव्य पाठ में संदीप मोहन ने होली मिलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित कविताएं सुनाईं। कवि इंद्रपाल वर्मा ने अवधी में देशभक्ति व होली महापर्व पर कविता पाठ किया। डॉ. स्वाति पांडे ने सामाजिक व्यवस्था व देशभक्ति पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। डॉ. सुशीला सिंह ने स्वरचित होली गीत और अशोक श्रीवास्तव ने गीत व शायरी सुनाकर समा बांध दिया। इस दौरान महामंत्री नरेश चंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष महताब अली सहित डॉ. सुशीला सिंह, राम बहादुर मित्रा, केपी त्रिपाठी, रघुनंदन झा, बालक राम मौर्य, दयाशंकर वर्मा, राम टहल वर्मा, अरविंद वर्मा व आरपी त्रिपाठी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नए सदस्यों व मार्च में जन्मदिन वाले सदस्यों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। संवाद
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थारू समुदाय में होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं बल्कि लंबा सांस्कृतिक पर्व माना जाता है। इसकी शुरुआत माघ पूर्णिमा को होली के प्रतीक पुतले की स्थापना से होती है, जिसे स्थानीय भाषा में जिंदा होली कहा जाता है। इसके बाद करीब एक माह तक नाच-गान और उत्सव का दौर चलता है।
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फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन के बाद अगले आठ दिनों तक मरी होली मनाई जाती है। इन दिनों थारू बस्तियों में पारंपरिक नृत्य और गीतों का आयोजन होता है। अंतिम दिन गांव की सीमा पर जाकर सामूहिक पूजा-अर्चना कर खकरेड़ा पर्व मनाया जाता है और इसके साथ होली उत्सव का समापन हो जाता है।
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धनगढ़ी वार्ड नंबर 8 के भलमंसा भज्जी राना ने बताया कि थारू संस्कृति में होली सवा महीने तक चलने वाला महापर्व है। इसमें जिंदा होली और मरी होली की अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं।
धनगढ़ी उपमहानगरपालिका की उपमेयर नंदकला राना ने कहा कि मरी होली के दौरान थारू बस्तियों में अद्भुत सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलता है। पुरुष और महिलाएं एक ही ताल और सुर में पारंपरिक नृत्य करते हैं, जिसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं।
खकरेड़ा पर्व के दिन सामूहिक भोज और मेल-मिलाप के साथ इस लंबे उत्सव का समापन हुआ। इसके साथ ही अब थारू गांवों में खेती-किसानी की गतिविधियां फिर से तेज होने लगी हैं।
होली मिलन समारोह में गले मिलकर दी बधाई
मोहम्मदी। बार एसोसिएशन मोहम्मदी के तत्वावधान में रामभजन सभागार में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि जिला जज शिवकुमार सिंह ने कहा कि होली का त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। यह ऐसा पर्व है जो छोटे-बड़े, अमीर-गरीब के भेदभाव को मिटाकर लोगों को एक सूत्र में बांधता है।
अपर जिला जज मोहम्मदी अनिल सिंह राणा ने भी सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट अक्षिता, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रजत प्रकाश, एसडीएम चलुबुराज आर और सीओ अरुण कुमार सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार संघ अध्यक्ष अवधेश चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि होली का त्योहार समाज में प्रेम और एकता का संदेश देता है और हमें मिलजुलकर रहने की प्रेरणा देता है। संवाद
पेंशनर्स संस्था के होली मिलन में बही काव्य की रसधारा
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की ओर से बुधवार को जिला कोषागार स्थित पेंशनर्स भवन में डॉ. ओपी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। काव्य पाठ में संदीप मोहन ने होली मिलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित कविताएं सुनाईं। कवि इंद्रपाल वर्मा ने अवधी में देशभक्ति व होली महापर्व पर कविता पाठ किया। डॉ. स्वाति पांडे ने सामाजिक व्यवस्था व देशभक्ति पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। डॉ. सुशीला सिंह ने स्वरचित होली गीत और अशोक श्रीवास्तव ने गीत व शायरी सुनाकर समा बांध दिया। इस दौरान महामंत्री नरेश चंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष महताब अली सहित डॉ. सुशीला सिंह, राम बहादुर मित्रा, केपी त्रिपाठी, रघुनंदन झा, बालक राम मौर्य, दयाशंकर वर्मा, राम टहल वर्मा, अरविंद वर्मा व आरपी त्रिपाठी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नए सदस्यों व मार्च में जन्मदिन वाले सदस्यों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। संवाद

धनगढ़ी गांव में होली पर्व समापन मनाते थारू समुदाय के लोग। संवाद