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टेस्टिंग में पास हो गया बिजली उपकेंद्र
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 30 May 2015 05:51 PM IST
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खीरी कस्बे में बनकर तैयार 33/11 उपकेंद्र बिजली इंजीनियरों की टेस्टिंग में पास हो गया है। इससे खीरी कस्बे को नए उपकेंद्र्र से बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक भीषण गर्मी में नई बस्ती उपकेंद्र की ओवरलोडिंग की समस्या को दूर करने के लिए दो या तीन दिन में खीरी उपकेंद्र से बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
बता दें कि कस्बे की साठ हजार से अधिक की आबादी को अलग से उपकेंद्र बनाकर बिजली सप्लाई करने के लिए वर्ष 2011 में कार्य शुरू किया गया था। तब से लेकर इस उपकेंद्र के बनने में काफी रुकावटें भी आईं, लेकिन अंतत: चार साल बाद उपकेंद्र पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि कस्बे के उपकेंद्र को रेवाही से जोड़ा जा रहा है। वहां पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। बिजली लाइनें भी दुरुस्त हो गई हैं। खीरी कस्बे में बिजली सप्लाई की रोस्टरिंग का समय भी तय कर सिस्टम कंट्रोल को भेजा जा चुका है। अब जल्द ही वहां की बिली सप्लाई शुरू करा दी जाएगी।
इमरजेंसी कटौती से और बिगड़े हालात
शहर में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग के साथ ही इमरजेंसी बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। खासकर जेल फीडर, खीरी फीडर, संकटा देवी फीडर, राजगढ़ फीडर पर ओवरलोडिंग के चलते और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दिन और रात में दो-दो घंटे की इमरजेंसी बिजली कटौती के कारण लोग बिलबिला उठे हैं। इस बाबत एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद का कहना है कि इमरजेंसी कटौती रोकने के लिए अधिकारियों से बात की गई है। कुछ दिनों में ओवरलोडिंग की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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कई दिनों से फुंके हैं रामापुर में दो ट्रांसफार्मर
भीषण गर्मी में शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। इमरजेंसी रोस्टरिंग से दिन और रात में कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। ऐसी गर्मी में रामापुर कस्बे के दो ट्रांसफार्मर कई दिनों से फुंके पड़े हैं, जिससे बिजली न मिलने के कारण लोग बिलबिला उठे हैं। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि बिजली सप्लाई के लिए लगे 63 एवं 25 केवीए के दोनों ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद गर्मी में भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं।
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बता दें कि कस्बे की साठ हजार से अधिक की आबादी को अलग से उपकेंद्र बनाकर बिजली सप्लाई करने के लिए वर्ष 2011 में कार्य शुरू किया गया था। तब से लेकर इस उपकेंद्र के बनने में काफी रुकावटें भी आईं, लेकिन अंतत: चार साल बाद उपकेंद्र पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि कस्बे के उपकेंद्र को रेवाही से जोड़ा जा रहा है। वहां पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। बिजली लाइनें भी दुरुस्त हो गई हैं। खीरी कस्बे में बिजली सप्लाई की रोस्टरिंग का समय भी तय कर सिस्टम कंट्रोल को भेजा जा चुका है। अब जल्द ही वहां की बिली सप्लाई शुरू करा दी जाएगी।
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इमरजेंसी कटौती से और बिगड़े हालात
शहर में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग के साथ ही इमरजेंसी बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। खासकर जेल फीडर, खीरी फीडर, संकटा देवी फीडर, राजगढ़ फीडर पर ओवरलोडिंग के चलते और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दिन और रात में दो-दो घंटे की इमरजेंसी बिजली कटौती के कारण लोग बिलबिला उठे हैं। इस बाबत एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद का कहना है कि इमरजेंसी कटौती रोकने के लिए अधिकारियों से बात की गई है। कुछ दिनों में ओवरलोडिंग की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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कई दिनों से फुंके हैं रामापुर में दो ट्रांसफार्मर
भीषण गर्मी में शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। इमरजेंसी रोस्टरिंग से दिन और रात में कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। ऐसी गर्मी में रामापुर कस्बे के दो ट्रांसफार्मर कई दिनों से फुंके पड़े हैं, जिससे बिजली न मिलने के कारण लोग बिलबिला उठे हैं। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि बिजली सप्लाई के लिए लगे 63 एवं 25 केवीए के दोनों ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद गर्मी में भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं।