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फरियादियों का तहसील और समाधान दिवस से मोह भंग
अमर उजाला ब्यूरो -लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 07 May 2016 11:45 PM IST
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तहसील दिवस
- फोटो : अमर उजाला
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रजिस्टरों की शोभा बनते जा रहे हैं दोनों दिवस
तहसील और थाने के चक्कर काटते तंग आ चुके हैं फरियादी
पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए शासन ने तहसील और समाधान दिवस का आयोजन किया था। इन आयोजनों से फरियादियों का मोह भंग होता जा रहा है। फरियादी थाने और तहसील के चक्कर काटते हुए तंग आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनीं हुई है। पीड़ितों की शिकायतें रजिस्टर की शोभा बढ़ा रही हैं। अधिकतर शिकायतें भूमि संबंधी की रहती हैं।
निघासन। शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन थाने में किया गया। डीएम के दौरे के कारण एसडीएम समाधान दिवस में नहीं पहुंच सके। समाधान दिवस की अध्यक्षता सीओ मोहम्मद इब्राहिम ने की। समाधान दिवस में अधिकतर लेखपाल और कानूनगो कुर्सी पर बैठे थे। कुछ फरियादी अपनी फरियाद लेकर आए और अपनी बारी का इंतजार करने के कारण जमीन पर ही बैठ गए। एक लेखपाल आए हुए फरियादी को जमीन पर बैठने का इशारा करते हुए खुद कुर्सी पर बैठे रहे। जबकि शासन से सख्त निर्देश हैं कि फरियादियों को सम्मान दिया जाए। जब तहसील दिवस में फरियादियों के साथ यह सलूक किया जाता है तो सामान्य दिनों में कैसा सलूक होता होगा इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शनिवार को समाधान दिवस में करीब 14 शिकायतें आईं, इनमें राजस्व की नौ शिकायतें थी। पुलिस की दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।
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केस-1
07एनजीएनपीएच04
रास्ते के विवाद को लेकर दो माह से भटक रहा है पूरा परिवार
लोधपुरवा खैरहना निवासी मैकिन ने बताया कि करीब दो माह पहले सार्वनजिक रास्ते को पूर्व प्रधान के परिवार वालों ने बंद कर दिया था। पंचायत होने के बाद भी जब वे लोग नहीं माने तो तहसील और समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम और एडीएम से भी रास्ता खुलवाने संबंधी शिकायत की। कई समाधान और तहसील दिवस में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पूरा परिवार रिश्तेदारों के यहां आसरा लेकर रह रहे हैं।
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केस-2
07एनजीएनपीएच05
चार बार शिकायत पर समस्या जस की तस
दौलतापुर निवासी साजिद, बिनौरा निवासी फुलमत्ता ने बताया कि रास्ते संबंधी विवाद की शिकायत तहसील दिवस में चार और समाधान दिवस में दो बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरिया निवासी लक्ष्मी ने बताया कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है, शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं हैं।
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केस-3
एक माह से भटक रही है बहन
क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने बताया कि उसकी बहन कक्षा 10 में पढ़ने सेमरा बाजार गई थी। उसका ममेरा भाई उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया था। सात अप्रैल की घटना होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उसमें कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि यह मामला भी तहसील दिवस और समाधान दिवस में पहुंचा था।
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डीएम के साथ दौरे पर होने के कारण समाधान दिवस में नहीं था। तहसील और समाधान दिवस की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाता है। कुछ ऐसे जमीन संबंधी मामले हैं, जिनका कोर्ट में वाद दायर है। ऐसी स्थिति में निर्णय नहीं लिया जा सकता है।
-लवकुमार, एसडीएम, निघासन।
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तहसील और थाने के चक्कर काटते तंग आ चुके हैं फरियादी
पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए शासन ने तहसील और समाधान दिवस का आयोजन किया था। इन आयोजनों से फरियादियों का मोह भंग होता जा रहा है। फरियादी थाने और तहसील के चक्कर काटते हुए तंग आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनीं हुई है। पीड़ितों की शिकायतें रजिस्टर की शोभा बढ़ा रही हैं। अधिकतर शिकायतें भूमि संबंधी की रहती हैं।
निघासन। शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन थाने में किया गया। डीएम के दौरे के कारण एसडीएम समाधान दिवस में नहीं पहुंच सके। समाधान दिवस की अध्यक्षता सीओ मोहम्मद इब्राहिम ने की। समाधान दिवस में अधिकतर लेखपाल और कानूनगो कुर्सी पर बैठे थे। कुछ फरियादी अपनी फरियाद लेकर आए और अपनी बारी का इंतजार करने के कारण जमीन पर ही बैठ गए। एक लेखपाल आए हुए फरियादी को जमीन पर बैठने का इशारा करते हुए खुद कुर्सी पर बैठे रहे। जबकि शासन से सख्त निर्देश हैं कि फरियादियों को सम्मान दिया जाए। जब तहसील दिवस में फरियादियों के साथ यह सलूक किया जाता है तो सामान्य दिनों में कैसा सलूक होता होगा इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शनिवार को समाधान दिवस में करीब 14 शिकायतें आईं, इनमें राजस्व की नौ शिकायतें थी। पुलिस की दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।
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केस-1
07एनजीएनपीएच04
रास्ते के विवाद को लेकर दो माह से भटक रहा है पूरा परिवार
लोधपुरवा खैरहना निवासी मैकिन ने बताया कि करीब दो माह पहले सार्वनजिक रास्ते को पूर्व प्रधान के परिवार वालों ने बंद कर दिया था। पंचायत होने के बाद भी जब वे लोग नहीं माने तो तहसील और समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम और एडीएम से भी रास्ता खुलवाने संबंधी शिकायत की। कई समाधान और तहसील दिवस में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पूरा परिवार रिश्तेदारों के यहां आसरा लेकर रह रहे हैं।
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केस-2
07एनजीएनपीएच05
चार बार शिकायत पर समस्या जस की तस
दौलतापुर निवासी साजिद, बिनौरा निवासी फुलमत्ता ने बताया कि रास्ते संबंधी विवाद की शिकायत तहसील दिवस में चार और समाधान दिवस में दो बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरिया निवासी लक्ष्मी ने बताया कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है, शिकायती पत्र दिया, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं हैं।
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केस-3
एक माह से भटक रही है बहन
क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने बताया कि उसकी बहन कक्षा 10 में पढ़ने सेमरा बाजार गई थी। उसका ममेरा भाई उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया था। सात अप्रैल की घटना होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उसमें कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि यह मामला भी तहसील दिवस और समाधान दिवस में पहुंचा था।
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डीएम के साथ दौरे पर होने के कारण समाधान दिवस में नहीं था। तहसील और समाधान दिवस की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाता है। कुछ ऐसे जमीन संबंधी मामले हैं, जिनका कोर्ट में वाद दायर है। ऐसी स्थिति में निर्णय नहीं लिया जा सकता है।
-लवकुमार, एसडीएम, निघासन।