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21 साल में भी तहसील प्रशासन कब्जा मुक्त नहीं करा सका भूमि

Sun, 14 Aug 2022 12:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 12:05 AM IST
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Tehsil administration could not free the land even in 21 years
तहसील प्रशासन ने 21 साल पहले निरस्त किए थे अवैध पट्टे
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अधिकारियों के आदेश को ताक पर रख अवैध कब्जेदारों पर मेहरबान हैं राजस्व कर्मचारी
सदर तहसील के बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलचौरा में 350 बीघा जमीन पर कब्जेदारी का मामला संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। 21 साल पहले निरस्त किए गए अवैध पट्टों की जमीन को सदर तहसील के अधिकारी अब तक अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त नहीं करा सके हैं।
मामला सदर तहसील के ग्राम पंचायत गुलचौरा का है, जहां ग्राम समाज की करीब 350 बीघा भूमि पर 35 लोगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। राजस्व अदालत ने इन्हें अवैध करार देेते हुए 2001 में पट्टों को खारिज कर दिया था। अब इस मामले में ग्राम पंचायत सदस्यों ने ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए मोर्चा खोल दिया है। ग्राम पंचायत सदस्य ने सीएम से शिकायत करते हुए राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
ग्राम पंचायत गुलचौरा में ग्राम सभा की झाड़ी, बंजर, ऊसर, तालाब, नाला आदि नाम से दर्ज भूमि का बंदरबांट 1995 में पट्टा आवंटन के जरिए हुआ था। बताते हैं कि तत्कालीन प्रधान आदि ने मनमाने तरीके से नियम-कायदे ताक पर रखकर करीब 350 बीघा जमीनों को बेच डाला था। इस मामले में प्रधान के बदलने के बाद अवैध पट्टों को निरस्त कराने की कार्रवाई की गई, जिसमें लंबे समय तक सुनवाई के बाद परगनाधिकारी लखीमपुर ने फरवरी 2001 में आदेश जारी कर 35 अवैध पट्टे निरस्त कर दिए थे और तत्कालीन दोषी राजस्व निरीक्षक व लेखपाल के विरुद्घ कार्रवाई करने के भी आदेश दिए थे। इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तब से करीब 21 साल बीत चुके हैं, लेकिन पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने के बावजूद तहसील प्रशासन ग्राम सभा की भूमि व तालाब को कब्जा मुक्त नहीं करा पाया है। जब वर्तमान सदस्य ग्राम पंचायत जसकरन ने अधिकारियों को पत्र के माध्यम से प्रकरण से अवगत कराकर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की तो मई 2022 में लेखपाल ने न्यायालय परगनाधिकारी के आदेश का अनुपालन कराने के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी अधिकारी निर्णय नहीं ले सके। इससे भूमि को कब्जा मुक्त करने की कोशिशें फाइलों में उलझकर रह र्गइं हैं। प्रधान इश्तियाक ने बताया कि इससे ग्राम पंचायत में गोआश्रय स्थल, खेल का मैदान विकसित करने, तालाब सुंदरीकरण आदि कार्य नहीं हो पा रहे हैं। प्रशासन से शीघ्र भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग है।
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प्रकरण संज्ञान में आया है, जिसके संबंध में राजस्व कर्मचारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पूर्व में पारित आदेश के क्रम में भूमि को अवैध अतिक्रमणकारियों से कब्जा मुक्त कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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- श्रद्घा सिंह, एसडीएम सदर
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