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Lakhimpur Kheri News: टोंटी सूखी, नलों के पास गंदगी...कैसे बुझे प्यास
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मंडी परिसर कार्यालय के सामने गंदगी में लगा हैंडपंप-संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर की राजापुर गल्ला मंडी में आने वाले किसानों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। परिसर के अधिकांश हैंडपंप के आसपास गंदगी फैली है। कुछ जगहों पर लगी पानी की टंकियों की टोंटी सूखी हैं। कई गायब हो गई हैं। इधर, मंडी समिति कार्यालय में किसानों के लिए लगा फ्रीजर भी खराब पड़ा है।
मंडी समिति राजापुर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में किसान फसल बेचने पहुंचते हैं। फल और सब्जी विक्रेताओं की भीड़ भी जुटती है। मौजूदा समय में मंडी में धान खरीद चल रही है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में आने वाले किसानों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था का जिम्मा मंडी परिषद के जिम्मे होता है।
अधिकारियों की अनदेखी के चलते मंडी में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। परिसर में न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। कार्यालय परिसर में लगा फ्रीजर भी कई महीनों से खराब है। कई पानी की टंकियां शोपीस बनकर रह गई हैं।
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दुकानों से खरीदना पड़ रहा पानी
अक्टूबर महीने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन दोपहर में तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में प्यास बुझाने को किसान भटकते हैं। मंडी परिसर में पेयजल की बदहाल व्यवस्था की वजह से किसानों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंडी आने पर शुल्क वसूला जाता है, लेकिन इस शुल्क का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है।
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मंडी समिति राजापुर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में किसान फसल बेचने पहुंचते हैं। फल और सब्जी विक्रेताओं की भीड़ भी जुटती है। मौजूदा समय में मंडी में धान खरीद चल रही है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में आने वाले किसानों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था का जिम्मा मंडी परिषद के जिम्मे होता है।
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अधिकारियों की अनदेखी के चलते मंडी में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। परिसर में न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। कार्यालय परिसर में लगा फ्रीजर भी कई महीनों से खराब है। कई पानी की टंकियां शोपीस बनकर रह गई हैं।
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दुकानों से खरीदना पड़ रहा पानी
अक्टूबर महीने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन दोपहर में तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में प्यास बुझाने को किसान भटकते हैं। मंडी परिसर में पेयजल की बदहाल व्यवस्था की वजह से किसानों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंडी आने पर शुल्क वसूला जाता है, लेकिन इस शुल्क का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है।

मंडी परिसर कार्यालय के सामने गंदगी में लगा हैंडपंप-संवाद