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गौरीफंटा मार्ग पर टैंकर फंसने से घंटों लगा रहा जाम
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jaam
- फोटो : amar ujala
टैंकर को निकालने के लिए बुलाई गई क्रेन कस्टम के अधिकारियों ने लौटाई
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गौरीफंटा। दुधवा-गौरीफंटा रोड पर साइड में खड़ंजा न होने से शनिवार को धनगढ़ी जा रहा एक टैंकर साइड लेने के चक्कर में फंस गया। टैंकर को निकालने के लिए चालक धनगढ़ी से बार्डर तक क्रेन का इंतजाम करके लाया तो कस्टम अधिकारियों ने क्रेन को आगे जाने की इजाजत नहीं दी। शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
दुधवा-गौरीफंटा रोड पर डिगनिया की ओर करीब नौ किलोमीटर रोड के दोनों तरफ साइडों में खड़ंजा नहीं है। इस कारण आए दिन इस रोड पर वाहन फंस जाते हैं। शनिवार की सुबह लखनऊ से धनगढ़ी जा रहा एक नेपाली टैंकर साइड लेने के चक्कर में फंस गया, जिससे घंटों जाम लगा रहा।
टैंकर चालक भोज बहादुर शाही ने बताया कि वह धनगढ़ी से क्रेन टैंकर को निकालने के लिए लेकर लाया, लेकिन बार्डर पर कस्टम अधिकारियों ने क्रेन को आने की इजाजत नहीं दी और क्रेन वहीं से लौटा दी। इस कारण शाम तक रास्ता बंद रहा। उधर, थारू क्षेत्र के कुछ युवकों द्वारा फंसे यात्रियों को अपनी बाइक से दो सौ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बार्डर तक छोड़ा गया, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल सरकार की तरफ से तिकुनिया व्यापार मंडल को सूचना मिली थी कि 29 सितंबर तक खखरोला बॉर्डर से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक आवागमन में रोक लगी हुई है, जिसके चलते भारतीय और नेपाली कारोबारियों को भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है आर्थिक तंगी के चलते जूझ रहे व्यापारी बिक्री न होने से परेशान हैं। संवाद
दुधवा-गौरीफंटा रोड पर डिगनिया की ओर करीब नौ किलोमीटर रोड के दोनों तरफ साइडों में खड़ंजा नहीं है। इस कारण आए दिन इस रोड पर वाहन फंस जाते हैं। शनिवार की सुबह लखनऊ से धनगढ़ी जा रहा एक नेपाली टैंकर साइड लेने के चक्कर में फंस गया, जिससे घंटों जाम लगा रहा।
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टैंकर चालक भोज बहादुर शाही ने बताया कि वह धनगढ़ी से क्रेन टैंकर को निकालने के लिए लेकर लाया, लेकिन बार्डर पर कस्टम अधिकारियों ने क्रेन को आने की इजाजत नहीं दी और क्रेन वहीं से लौटा दी। इस कारण शाम तक रास्ता बंद रहा। उधर, थारू क्षेत्र के कुछ युवकों द्वारा फंसे यात्रियों को अपनी बाइक से दो सौ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बार्डर तक छोड़ा गया, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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खखरौला नेपाल बॉर्डर खोला जाए
तिकुनिया। नेपाल सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन खोल दिया है, लेकिन अभी तक खखरौला बॉर्डर से नेपाली और भारतीयों का आवागमन शुरू नहीं किया गया है। इस बाबत तराई विकास संस्थान ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर आवागमन शुरू कराने की मांग की है।संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल सरकार की तरफ से तिकुनिया व्यापार मंडल को सूचना मिली थी कि 29 सितंबर तक खखरोला बॉर्डर से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक आवागमन में रोक लगी हुई है, जिसके चलते भारतीय और नेपाली कारोबारियों को भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है आर्थिक तंगी के चलते जूझ रहे व्यापारी बिक्री न होने से परेशान हैं। संवाद