फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Survey conducted a year ago, the working agency was also decided, yet the line was not changed

Lakhimpur Kheri News: सालभर पहले सर्वे, कार्यदायी संस्था भी तय, फिर भी नहीं बदली गई लाइन

Wed, 19 Jun 2024 05:27 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 19 Jun 2024 05:27 AM IST
विज्ञापन
Survey conducted a year ago, the working agency was also decided, yet the line was not changed
घटनास्थल का निरीक्षण करते सहायक निदेशक लखनऊ।संवाद
गोला गोकर्णनाथ। गोला-मोहम्मदी फीडर की जिस लाइन के खंभे के इंसुलेटर से निकल तार झूल रहा था, उसे बदलवाने के लिए सालभर पहले सर्वे हुआ और कार्यदायी संस्था भी तय की, मगर गोला डिवीजन के अफसरों की लापरवाही से लाइन बदलवाने का कार्य नहीं हुआ। बताते हैं कि इंसुलेटर से निकलकर करंट प्रवाहित तार कई दिनों से जमीन से एक फिट दूरी पर लटक रहा था, लेकिन न लाइनमैन न ही जेई ने इस ओर ध्यान दिया। अफसरों की लापरवाही की वजह से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।
विज्ञापन

2019 में गोला मोहम्मदी फीडर सबसे बड़ा फीडर था। तत्कालीन विधायक अरविंद गिरि के प्रयासों से इस फीडर को तीन हिस्सों में बांटकर हैदराबाद, ममरी और अजान नाम से तीन फीडर बनाए गए। वर्तमान में गोला मोहम्मदी फीडर से 25 से 30 गांव को बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
विज्ञापन

जिस लाइन से हादसा हुआ, उसके तार कई जगह से टूटे हुए थे, जिन्हें तार लपेटकर बांधा गया था। हाईटेंशन लाइन का यह तार बिजली खंभे के इंसुलेटर से उतरकर जमीन से करीब एक फीट की दूरी पर झूल रहा था। इस लाइन का सर्वे एक वर्ष पूर्व ही पूरा हो चुका है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते जर्जर लाइन पर ही करंट दौड़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तार जमीन पर पड़ा होता तो शायद नहीं होता हादसा
बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुसार यदि हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर जाता है तो अर्थिंग से लाइन ट्रिप कर जाती और हादसा टल जाता, लेकिन इंसुलेटर से उतरकर तार जमीन के ऊपर हवा में झूलता रहा, जिसके कारण लाइन ट्रिप नहीं हुई और तार में करंट दौड़ता रहा।
------------

सहायक निदेशक की जांच में बिजली अफसरों की लापरवाही उजागर
- सहायक निदेशक कृष्ण कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों कर्मचारियों के बयान लिए, बोले-शासन को सौपेंगे रिपोर्ट
फोटो-32
संवाद न्यूज एजेंसी
ममरी। हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत के मामले में एसडीओ गोला के साथ लखनऊ से आए सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा कृष्ण कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में बिजली अफसरों की लापरवाही उजागर हुई है। सहायक निदेशक ने बताया कि अधिकारियों कर्मचारियों के बयान ले लिए हैं। रिपोर्ट शासन को सौपेंगे।

बबलू, उसकी बहन मंजू देवी और भांजे अनमोल की मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए सोमवार देर रात चीफ इंजीनियर विवेक अस्थाना ने जांच की थी। मंगलवार को मौके पर पहुंचे विद्युत सुरक्षा निदेशालय लखनऊ के सहायक निदेशक कृष्ण कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। रात में ही चीफ इंजीनियर ने जेई अमृतलाल और लाइनमैन राकेश कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद देर रात ऊर्जा मंत्री ने अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई निलंबित करने की सूचना एक्स हैंडल पर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed