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सहकारी समिति में ताला डालकर मिल में धरने पर बैठे गन्ना किसान

Mon, 29 Nov 2021 12:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:09 AM IST
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Sugarcane farmers sitting on dharna in the mill by locking the cooperative society
पलिया गन्ना समिति में मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान।
किसान बोले, अब भुगतान मिलने के बाद ही खत्म होगा आंदोलन
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नए सत्र का भी कब तक दिया जाएगा भुगतान, इस पर भी हो फैसला
एडीएम ने की किसानों को मनाने की कोशिश, पर नहीं माने किसान
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों ने रविवार को समिति में ताला डाल दिया और चीनी मिल में धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिलता है और नए सत्र के भुगतान के बारे में निश्चित तिथि घोषित नहीं की जाती है तब तक किसान मिल को गन्ना सप्लाई नहीं देंगे। शाम तक एसडीएम प्रशासनिक अमले के साथ किसानों की मान-मनौव्वल करने में जुटे रहे, लेकिन किसान अब तक अपनी मांगों पर ही अड़े हैं।
29 नवंबर से मिल का पेराई सत्र शुरू होना था, लेकिन किसानों ने मिल के पेराई सत्र शुभारंभ से पहले ही एलान कर दिया गया था कि जब तक बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता तब तक किसान अपना गन्ना मिल को नहीं देंगे। रविवार को बड़ी संख्या में किसान गन्ना समिति में एकत्र हुए और गन्ना समिति के मुख्य गेट पर तालाबंदी करते हुए मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। तालाबंदी करने के बाद किसान चीनी मिल परिसर पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान दिए जाने के साथ ही नवीन सत्र के भुगतान के बारे में भी जानकारी चाही है। किसानों का कहना है कि नवीन सत्र का भुगतान 14 दिन या फिर कितने दिनों में मिल प्रशासन देगा, इसके बारे में भी पहले से ही निर्णय ले ले, जिसके बाद ही किसान अपना गन्ना मिल को देंगे। उधर, एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार समेत प्रशासनिक अमला किसानों को शाम तक मनाने में जुटा रहा, लेकिन किसान नहीं माने। किसान अब भी धरने पर बैठे हुए हैं।
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किसानों के गन्ना न लाने से यार्ड रहा सूना
किसानों द्वारा धरना शुरू करने के बाद बकाया गन्ना भुगतान न होने तक मिल को गन्ना न देने की बात पर अड़े हैं, जिसके चलते किसानों द्वारा गन्ना भी मिल में नहीं लाया जा रहा है। इस कारण रविवार को मिल का यार्ड पूरी तरह से सुनसान पड़ा रहा।
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यह किसान रहे मौजूद
धरना प्रदर्शन के दौरान विकास कपूर, जसपाल सिंह जग्गा, बलजीत सिंह, अमनदीप सिंह, कमलेश राय, संदीप सिंह, सुखदेव सिंह, राजू चौरसिया व राम कुमार भार्गव, हरमनजीत सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
बिजुआ में दूसरे दिन भी जारी रहा गन्ना किसानों का धरना
बिजुआ। पिछले पेराई सत्र के गन्ने के भुगतान को लेकर पलिया चीनी मिल के विरुद्ध किसानों का धरना रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने केन सचिव के माध्यम से गन्ना आयुक्त को भेजे मांगपत्र में कहा है कि पलिया चीनी मिल से जुड़े क्रय केंद्र गुलरिया चीनी मिल को हस्तांतरित किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता तब तक चीनी मिल नहीं चलने दी जाएगी।
उधर, केन सचिव गंगाराम यादव लगातार किसानों को समझाने की कोशिश करते, लेकिन किसानों ने समिति में अपना ताला लगाए रखा। केन सचिव गंगाराम यादव का कहना है कि इस बात पर सहमति बनी है कि किसान अपनी जो भी मांग लिखित रूप में देंगे उसे केन कमिश्नर तक पहुंचा दिया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांग है कि पलिया के तीन गन्ना क्रय केंद्र भीरा, चूराटांडा व कटैया गुलरिया चीनी मिल को हस्तांतरित कर दिए जाएं। धरने पर बैठे किसान देर रात तक हंगामा करते रहे। संवाद

निघासन में भी भुगतान न मिलने पर गन्ना सप्लाई रोकी, धरने पर बैठे
निघासन। पुराना गन्ना भुगतान न मिलने से नाराज किसानों ने शनिवार को धरना दिया और गन्ना न तुलवाने का निर्णय लिया। बजाज चीनी मिल से जुड़े गन्ना क्रय केंद्र के किसानों ने धरना प्रदर्शन कर कहा कि जब तक गन्ना मूल्य भुगतान नहीं मिलेगा। तब तक गन्ने की तौल नहीं कराई जाएगी। इस दौरान कौशल किशोर, सुधाकर, उमाकांत, संतोष, बलराम, रमाकांत उमाशंकर आदि मौजूद रहे। संवाद
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