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भुगतान के मामले में फिर फिसड्डी साबित हुई मिलें

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी Updated Wed, 07 Feb 2018 07:05 PM IST
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गन्ने की खेती
गन्ने की खेती - फोटो : SELF

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गन्ना किसानों को भुगतान के मामले में अधिकांश चीनी मिलें फिर फिसड्डी साबित हुई हैं। पिछले सालों की तरह इस वर्ष भी बजाज ग्रुप किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करने में सबसे पीछे चल रहा है। भाजपा ने किसानों को 14 दिन में भुगतान कराने का वादा किया था, लेकिन हालत एकदम उलटे हैं। छह चीनी मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, संपूर्णानगर और बेलरायां मिल ने (14 दिन पहले तक) छह अरब छह करोड़ आठ लाख 68 हजार रुपये दबा रखे हैं, जबकि सभी नौ मिलों पर कुल नौ अरब चार करोड़ 74 लाख 47 हजार रुपये बकाया हो चुका है।
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जनपद की नकदी फसल (कैश क्रॉप) होने के बावजूद किसानों को तंगहाली से गुजरना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा लघु एवं सीमांत किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। वजह सिर्फ एक है कि मिलें गन्ना एक्ट के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं और न ही एक्ट के मुताबिक किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान ही किया जा रहा है। पिछले कुछ सालों से किसानों को छका रही बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा ने पुराना ढर्रा अपना रखा है और जिसके लिए पुराना राग भी मसलन बैंक लिमिट सेंशन न होना अलापा जा रहा है। इसी के चलते इन तीनों मिलों पर सबसे अधिक 4.73 अरब रुपये (सूचना की तिथि से 14 दिन पूर्व तक) बकाया हो चुका है। हालांकि भुगतान व्यवस्था को सही तरीके से लागू कराने के लिए बजाज ग्रुप की तीन मिलों की चीनी समेत अन्य सहउत्पादों की बिक्री और उनसे प्राप्त रकम पर जिला प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले रखा है, बावजूद इसके किसानों का भला नहीं हो सका है। 

इसके अलावा ऐरा और सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिलें भी भुगतान नहीं कर रही हैं, जिससे इन पर भी करीब एक अरब 32 करोड़ 94 रुपये गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। इस बकाए पर गन्ना विभाग ने ब्याज लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन पिछले वर्ष का बकाया ब्याज का किसी मिल ने भुगतान नहीं किया है। ऐसे में इस वर्ष के ब्याज का भुगतान किसानों को मिलने पर संशय बना हुआ है।
 

किसानों को 12.37 अरब से अधिक हुआ भुगतान  
गन्ने की फसल पर ही जनपद की पूरी अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि नौ मिलों ने इस पेराई सत्र के चार माह में 12 अरब 37 करोड़ 61 लाख रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कर दिया है। जो कुल बकाया का 58 फीसदी है। अभी अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक चीनी मिलें पेराई करेंगी।
 
मिलों पर 14 दिन पूर्व तक बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
मिल बकाया
गोला 16624.61
पलिया 17708.80
गोला 12981.18
ऐरा 7769.51
बेलरायां 2452.23
संपूर्णानगर 3072.95
 
बकाया पर छह करोड़ से अधिक का ब्याज
गन्ना किसानों को समय से भुगतान न करने के चलते चीनी मिलों पर ब्याज की देनदारी बनने लगी है। अभी तक पांच मिलों पर छह करोड़ 92 लाख 19 हजार रुपये ब्याज की देनदारी हो चुकी है। इसके अलावा बकाया गन्ना विकास कमीशन पर 27.79 लाख रुपये ब्याज ड्यू हो चुका है। सिर्फ अजबापुर, गुलरिया, कुंभी और बेलरायां मिल पर ब्याज की देनदारी नहीं बनी है।
 
किसानों को भुगतान समय से कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। चीनी के थोक रेट कम होने से कुछ मिलों की चीनी बिक्री नहीं हो पा रही है।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी

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