यूपी: बकाया वेतन और कोरोना सेफ्टी किट न मिलने से हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मचारी, बढ़ सकती है परेशानी
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स्वास्थ्य विभाग की 108 और 102 एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर एंबुलेंस स्टाफ ने मंगलवार दोपहर विरोध प्रदर्शन के बाद हड़ताल की घोषणा कर दी है। स्टाफ ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए उन्हें न तो शासन और न ही कंपनी की ओर से मास्क, सैनिटाइजर आदि दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। एंबुलेंस स्टाफ ने मंगलवार दोपहर जिला महिला अस्पताल में बैठक कर हड़ताल पर जाने का एलान किया। इससे जिले भर में चल रहीं 94 एंबुलेंस के पहिए थम गए।
संगठन के जिलाध्यक्ष पवन शुक्ला ने बताया कि 19 मार्च को सीएमओ को ज्ञापन देकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी, जो अब तक नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि हम कोरोना संक्रमण के संभावित मरीजों को लेकर आते-जाते हैं, लेकिन एंबुलेंस में न तो सैनिटाइजर है और न ही किट। ऐसे में काम कर पाना संभव नहीं है।
ये हैं प्रमुख मांगे-
- केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए 50 लाख के स्वास्थ्य बीमा में 108 कर्मचारियों को शामिल किया जाए।
- पिछले तीन माह का बकाया वेतन और प्रोत्साहन राशि दी जाए।
- कोरोना संक्रमण को लेकर एंबुलेंस स्टाफ को सुरक्षा किट मुहैया कराई जाए।
- लॉकडाउन में स्टाफ के खाने की व्यवस्था कराई जाए।
- बाजार बंद होने से भूखे पेट ड्यूटी करने को मजबूर हैं, ठेका प्रथा समाप्त की जाए और एंबुलेंस को सैनिटाइज कराया जाए।
एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित ने इसे लेकर कहा कि एंबुलेंस स्टाफ की प्रदेशव्यापी हड़ताल है। इससे शासन को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल इनके पदाधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
वहीं डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ की हड़ताल को देखते हुए पीआरडी और होमगार्ड के जवानों के अलावा पुलिस विभाग के चालकों की सेवा ली जाएगी। सभी को बुधवार दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट बुलवा लिया गया है। हड़ताल समाप्त न होने पर इनसे एंबुलेंस चलावाई जाएगी।