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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Stoves did not burn in the houses of fire victims, they spent the night under the open sky.

Lakhimpur Kheri News: अग्निपीड़ितों के घरों में नहीं जले चूल्हे, खुले आसमान के नीचे काटी रात

Sat, 27 Apr 2024 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2024 01:16 AM IST
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Stoves did not burn in the houses of fire victims, they spent the night under the open sky.
अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद
निघासन। गांव सिंगाहा कला में आग की तबाही में 29 परिवारों का सब कुछ छिन गया। जिन छप्परों में वर्षों से रहकर वे गुजर बसर कर रहे थे, वे भी खाक हो गए। अब सिर ढकने के लिए कुछ नहीं बचा है। बृहस्पतिवार की रात अग्निपीड़ितों ने खुले आसमान के नीचे गुजारी। उनका दर्द बांटने भी कोई नहीं गया। चौबीस घंटे से पीड़ितों के यहां चूल्हे तक नहीं जले। प्रशासन की ओर से एक रुपये की सरकारी मदद नहीं मिली। सांसद-विधायक भी हाल पूछने नहीं गए।
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चुनावी माहौल में सांसद-विधायक दो महिलाओं की मौत होने, 29 घर जलने और करीब 50 लाख के नुकसान होने पर भी पीड़ितों को सांत्वना नहीं देने नहीं गए। घोर अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गांव सिंगाहा में बृहस्पतिवार की दोपहर हुए अग्निकांड में भागीरथ की पत्नी रामगुनी, बहन संगीता की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। अग्निकांड में 29 घर जलकर राख हो गए थे।
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पीड़ित गुड्डू, श्रवण, सुरेश, बृजलाल, कंधई, अमित, लल्ला आदि ने बताया कि इनको लंच पैकेट, तिरपाल तक नहीं मिला है। अफसर आए थे, मदद का आश्वासन दे गए थे, लेकिन कोई सरकारी इमदाद नहीं मिली। वहीं शुक्रवार को प्रशासन की टीम ने मदद के नाम पर कंबल व भोजन की व्यवस्था कराई। कुछ लोगों को तिरपाल भी बांटे।
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वहीं अग्निपीड़ितों को प्रधान प्रतिनिधि श्याम मोहन दीक्षित ने पूड़ी सब्जी, ईश्वरदीन कन्या पाठशाला के प्रधानाचार्य अतुल गुप्ता ने बूंदी लड्डू देकर मदद की। कोटेदार रामगुनी ने शाम को तहरी बनवाकर पीड़ितों को खिलवाई। करीब 26 घरों में से कुछ ही घरों के लोगों को प्रधान की तरफ से तिरपाल व दरी दी गईं।


मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख की मांग उठी
गांव के बेंचू, कंधई और अमित आदि ने बताया कि मृतकों के परिवार वालों को 20- 20 लाख रुपए और घायलों को 10-10 लाख रुपए दिए जाने की मांग की। साथ ही सभी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी। इधर अग्निकांड में झुलसे बांके और उसके भतीजे का सहजराम चल रहा है। इसमें बांके की हालत नाजुक बनी हुई है।

शाम को दोनों शवों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
अग्निकांड में जिंदा जली ननद संगीता और भौजाई रामगुनी का शुक्रवार की शाम एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार के दो सदस्यों का अंतिम संस्कार होने पर ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू आ गए। सभी एक ही बात बोल रहे थे कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। इधर, गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स तैनात रहा। साथ ही तहसीलदार भीमचंद्र प्रभारी थानाध्यक्ष सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।

नहीं पहुंचे सांसद न ही कोई विधायक
आग की इतनी बड़ी घटना होने के बाद न सांसद और न ही विधायक मौके पर पहुंचे। अग्नि पीड़ितों का हाल जानने के लिए किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसी प्रकार की सहायता नहीं दी। इधर, भागीरथ लल्ला सहित सात लोगों को प्रधानमंत्री आवास मिल चुके है, लेकिन एक कमरे में गुजर पसर न होने पर वह छप्पर डाल रखा था, जो इस हादसे में सब कुछ जल गया।



सभी पीड़ितों को तिरपाल, लंचं पैकेट, चाय और बिस्किट आदि दिए गए है। प्रधान और कोटेदार के अलावा लेखपाल को लगाया गया है। आर्थिक सहायता भी शीघ्र दी जाएगी। - भीमचंद्र, तहसीलदार, निघासन

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

अग्निकांड के बाद पीड़ितों ने घरों पर तिरपाल डाले। संवाद

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