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Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसा मामले में दो इंस्पेक्टरों के बयान आज
Sun, 10 May 2026 11:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 10 May 2026 11:39 PM IST
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड में गवाही प्रक्रिया धीमी होने पर सुप्रीम कोर्ट के नाराजगी जताने के बाद सोमवार को अहम सुनवाई होगी। इस मामले में पिछले तीन साल से गवाही की प्रक्रिया चल रही है जिसमें अब तक 44 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। 72 के बयान होने अभी बाकी हैं।
मामले की सुनवाई जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत में चल रही है। 11 मई को इंस्पेक्टर विमल गौतम और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की गवाही दर्ज की जाएगी। तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया का बयान 13 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज होना प्रस्तावित है।
11 मई की सुनवाई की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि आठ मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी जताई थी। शीर्ष अदालत ने ट्रायल की रफ्तार को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। तिकुनिया हिंसा कांड के क्रॉस केस में 35 में से 26 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और नौ गवाहों की गवाही शेष है।
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यह हुई थी घटना
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में चार किसान, एक पत्रकार, एक ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। इस मामले में पहला केस चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या का दर्ज हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया गया। दूसरा केस भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में किसानों पर दर्ज कराया गया था।
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मामले की सुनवाई जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत में चल रही है। 11 मई को इंस्पेक्टर विमल गौतम और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की गवाही दर्ज की जाएगी। तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया का बयान 13 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज होना प्रस्तावित है।
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11 मई की सुनवाई की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि आठ मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी जताई थी। शीर्ष अदालत ने ट्रायल की रफ्तार को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। तिकुनिया हिंसा कांड के क्रॉस केस में 35 में से 26 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और नौ गवाहों की गवाही शेष है।
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यह हुई थी घटना
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में चार किसान, एक पत्रकार, एक ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। इस मामले में पहला केस चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या का दर्ज हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया गया। दूसरा केस भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में किसानों पर दर्ज कराया गया था।