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राज्य स्तरीय टीम ने भ्रमण कर टीबी रोग की स्थिति जानी
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टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते अधिकारी।
अधिकारी बोले, टीम भावना से काम करके ही मिटाई जा सकती है टीबी
लखीमपुर खीरी। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें आरटीपीएमयू औा डब्ल्यूएचओ की टीम सहित ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग लखनऊ डॉ. बीके वर्मा ने जिले में टीबी रोगियों, उनका इलाज आदि के बारे में जानकारी ली। बैठक में कहा गया कि टीबी को खत्म करने का लक्ष्य 2025 है, जो टीम भावना से ही पूरा हो सकता है।
समीक्षा बैठक में सीएचसी मितौली, बिजुआ, खमरिया, फरधान, खीरी टाउन, नकहा, कुंभी, बरबर व बेहजम के टीबी क्लिनिकों में नोटिफिकेशन रेट कम मिला। जियो टैगिंग में फूलबेहड़ पसगवां, निघासन व गोला पीछे मिला, सक्सेस रेट के मामले में कुंभी, मितौली, पसगवां, गोला व बांकेगंज पीछे मिला। इसी के साथ अन्य इंडिकेटर जिनमें एचआईवी, डायबिटीज आदि जिन-जिन टीयू के इंडिकेट कम मिले, उनमें सुधार लाने के निर्देश दिए।
टीम ने जिले में तीन दिन तक बेहजम, मितौली, पसगवां, खीरी टाउन, गोला, पलिया और मोहम्मदी का भ्रमण किया। इस दौरान डॉ. अनुपमा चौधरी ने प्राइवेट चिकित्सकों से मिलकर टीबी नोटिफिकेशन के लिए प्रेरित कर मरीजों को टीबी यूनिट पर भेजने की नसीहत दी। बैठक में अनुपस्थित जिम्मेदारों से सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने स्पष्टीकरण तलब करने, जिन इंडिकेटर्स में कमी मिली हैं, उनको सात दिन में दुरुस्त करने को कहा।
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एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि टीबी रोग को 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य है। इसलिए सभी लोग टीम भावना से काम करें। आरटीपीएमयू टीम के डॉ. केएन द्विवेदी, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. अनुपमा चौधरी एवं डॉ. राजेश त्रिपाठी , एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार व एसीएमओ डॉ. बीसी पंत मौजूद रहे।
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लखीमपुर खीरी। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें आरटीपीएमयू औा डब्ल्यूएचओ की टीम सहित ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग लखनऊ डॉ. बीके वर्मा ने जिले में टीबी रोगियों, उनका इलाज आदि के बारे में जानकारी ली। बैठक में कहा गया कि टीबी को खत्म करने का लक्ष्य 2025 है, जो टीम भावना से ही पूरा हो सकता है।
समीक्षा बैठक में सीएचसी मितौली, बिजुआ, खमरिया, फरधान, खीरी टाउन, नकहा, कुंभी, बरबर व बेहजम के टीबी क्लिनिकों में नोटिफिकेशन रेट कम मिला। जियो टैगिंग में फूलबेहड़ पसगवां, निघासन व गोला पीछे मिला, सक्सेस रेट के मामले में कुंभी, मितौली, पसगवां, गोला व बांकेगंज पीछे मिला। इसी के साथ अन्य इंडिकेटर जिनमें एचआईवी, डायबिटीज आदि जिन-जिन टीयू के इंडिकेट कम मिले, उनमें सुधार लाने के निर्देश दिए।
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टीम ने जिले में तीन दिन तक बेहजम, मितौली, पसगवां, खीरी टाउन, गोला, पलिया और मोहम्मदी का भ्रमण किया। इस दौरान डॉ. अनुपमा चौधरी ने प्राइवेट चिकित्सकों से मिलकर टीबी नोटिफिकेशन के लिए प्रेरित कर मरीजों को टीबी यूनिट पर भेजने की नसीहत दी। बैठक में अनुपस्थित जिम्मेदारों से सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने स्पष्टीकरण तलब करने, जिन इंडिकेटर्स में कमी मिली हैं, उनको सात दिन में दुरुस्त करने को कहा।
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एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि टीबी रोग को 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य है। इसलिए सभी लोग टीम भावना से काम करें। आरटीपीएमयू टीम के डॉ. केएन द्विवेदी, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. अनुपमा चौधरी एवं डॉ. राजेश त्रिपाठी , एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार व एसीएमओ डॉ. बीसी पंत मौजूद रहे।