{"_id":"57fe38a84f1c1b266c28e83b","slug":"sporadic-incidents-of-assault-between-safely-dealt-procession","type":"story","status":"publish","title_hn":"छिटपुट मारपीट की घटनाओं के बीच सकुशल निपटा जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छिटपुट मारपीट की घटनाओं के बीच सकुशल निपटा जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोधिया में ताजियेदार को पीटा, एक गिरफ्तार
जिले में छिटपुट मारपीट की घटनाओं के बीच ताजियों का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल निपट गया। कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली। थाना भीरा के गांव गोंधिया में पेड़ की डाली को नीचे करने पर एक ताजियेदार की पिटाई कर दी गई, इस पर ताजियेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। एक आरोपी को गिरफ्तार होने पर दो घंटे के बाद ताजिये उठाए गए।
बिजुआ। गोंधिया गांव पहले से ही पुलिस की संवेदनशील श्रेणी में था। बुधवार को गांव में ताजियों को चौक से करबला ले जाने के दौरान पुलिस एवं लेखपाल की मौजूदगी में कई पेड़ और छप्पर हटाए जा रहे थे, इसी दौरान गांव के शिवचंद्र के घर के आगे से जब ताजिया निकाला तो छोटे से पेड़ की डाली को ताजियेदार फरीजुद्दीन ने नीचे झुका लिया। इससे गुस्साए पौध मालिक ने ताजियेदार के सिर पर धारदार वस्तु मार दी, जिससे वह घायल हो गया। आरोप है गांव प्रधान ने भी उनसे मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शिवचंद्र को हिरासत में लिया। ताजियेदार की पिटाई से नाराज ताजियेदारों ने ताजिया करबला ले जाने से मना कर दिया। ताजियेदार प्रधान पर कारवाई की मांग करने लगे। बाद में लेखपाल अनुपम रस्तोगी, अमित शुक्ला के साथ कुछ संभ्रांत लोगों के समझाने पर ताजिये को करबला तक ले जाने पर तैयार हुए। घायल ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। यहां देर शाम ताजिये दफन कर दिए गए।
ईसानगर। वीरसिंहपुर गांव के मजरा चिंतापुरवा में राममिलन गोडिया और शहाबू का घर अगल बगल है। राममिलन ने नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की है। यहां जागरण चल रहा था। बगल में शहाबू ने ताजिये की चौक बनाई थी। मंगलवार की रात दोनों ने लाउडस्पीकर बजाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर एसओ ईसानगर और इंस्पेक्टर धौरहरा मौके पर पहुंचे और दोनो पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। बुधवार को शहाबू दूसरे पक्ष पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर अड़ गया और तजिया न उठाने की धमकी दी। जिससे दोनो पक्षों में एक बार फिर तनाव हो गया। एसडीएम, सीओ ने समझा बुझाकर ताजिये दफनाने पर राजी किया। ईसानगर, ख़मरिया, नयागांव, ऊंचगांव, समर्दा, हसनपुर कटौली आदि क्षेत्र के गांवों में जुलूस निकालकर शांतिपूर्वक तजिये दफन किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में छिटपुट मारपीट की घटनाओं के बीच ताजियों का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल निपट गया। कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली। थाना भीरा के गांव गोंधिया में पेड़ की डाली को नीचे करने पर एक ताजियेदार की पिटाई कर दी गई, इस पर ताजियेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। एक आरोपी को गिरफ्तार होने पर दो घंटे के बाद ताजिये उठाए गए।
बिजुआ। गोंधिया गांव पहले से ही पुलिस की संवेदनशील श्रेणी में था। बुधवार को गांव में ताजियों को चौक से करबला ले जाने के दौरान पुलिस एवं लेखपाल की मौजूदगी में कई पेड़ और छप्पर हटाए जा रहे थे, इसी दौरान गांव के शिवचंद्र के घर के आगे से जब ताजिया निकाला तो छोटे से पेड़ की डाली को ताजियेदार फरीजुद्दीन ने नीचे झुका लिया। इससे गुस्साए पौध मालिक ने ताजियेदार के सिर पर धारदार वस्तु मार दी, जिससे वह घायल हो गया। आरोप है गांव प्रधान ने भी उनसे मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शिवचंद्र को हिरासत में लिया। ताजियेदार की पिटाई से नाराज ताजियेदारों ने ताजिया करबला ले जाने से मना कर दिया। ताजियेदार प्रधान पर कारवाई की मांग करने लगे। बाद में लेखपाल अनुपम रस्तोगी, अमित शुक्ला के साथ कुछ संभ्रांत लोगों के समझाने पर ताजिये को करबला तक ले जाने पर तैयार हुए। घायल ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। यहां देर शाम ताजिये दफन कर दिए गए।
विज्ञापन
ईसानगर। वीरसिंहपुर गांव के मजरा चिंतापुरवा में राममिलन गोडिया और शहाबू का घर अगल बगल है। राममिलन ने नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की है। यहां जागरण चल रहा था। बगल में शहाबू ने ताजिये की चौक बनाई थी। मंगलवार की रात दोनों ने लाउडस्पीकर बजाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पर एसओ ईसानगर और इंस्पेक्टर धौरहरा मौके पर पहुंचे और दोनो पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। बुधवार को शहाबू दूसरे पक्ष पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर अड़ गया और तजिया न उठाने की धमकी दी। जिससे दोनो पक्षों में एक बार फिर तनाव हो गया। एसडीएम, सीओ ने समझा बुझाकर ताजिये दफनाने पर राजी किया। ईसानगर, ख़मरिया, नयागांव, ऊंचगांव, समर्दा, हसनपुर कटौली आदि क्षेत्र के गांवों में जुलूस निकालकर शांतिपूर्वक तजिये दफन किए गए।
विज्ञापन