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Lakhimpur Kheri News: शारदा की कटान से छह हजार आबादी को मिलेगा सुरक्षा कवच
Wed, 15 Jul 2026 11:11 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:11 PM IST
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पलिया के शारदा पुल के आगे नाव से चलने को मजबूर मटहिया गांव के ग्रामीण। संवाद
बिजुआ। शारदा नदी से होने वाले कटान पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार निरंजन और अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने कटान निरोधक परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत 360 मीटर लंबाई में लगभग 2.19 करोड़ रुपये की लागत से कटान निरोधक कार्य कराया गया है। परियोजना पूरी होने से क्षेत्र की लगभग छह हजार आबादी और 43 हेक्टेयर कृषि भूमि को शारदा नदी के कटान से सुरक्षित किया जा सकेगा। सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर को मानसून अवधि में कार्यस्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान सहायक अभियंता गजेंद्र वर्मा, जूनियर इंजीनियर कुंदन लाल एवं हरिवंश और क्षेत्रीय लेखपाल अमन कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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शारदा के बढ़ते पानी ने काटी गांव की राह, नाव बनी सहारा
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पुल के आगे स्थित मटहिया गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों के लिए नाव ही आवागमन का एकमात्र जरिया बचा है। किसान फसल बचाने और पशुओं के चारे का प्रबंध करने के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं।
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मटहिया के किसान ध्यान सिंह, लाल बहादुर और नन्नू का कहना है कि पानी कम नहीं हो रहा, जिससे खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित है। किसान खाद की बोरियां, कीटनाशक दवाएं और कृषि यंत्र नाव पर लादकर नदी पार ले जाते हैं। दूसरी ओर खेत पर पहुंचने के बाद नाव को पेड़ से रस्सी के सहारे बांधकर फसल की देखभाल करते हैं।
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अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत 360 मीटर लंबाई में लगभग 2.19 करोड़ रुपये की लागत से कटान निरोधक कार्य कराया गया है। परियोजना पूरी होने से क्षेत्र की लगभग छह हजार आबादी और 43 हेक्टेयर कृषि भूमि को शारदा नदी के कटान से सुरक्षित किया जा सकेगा। सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर को मानसून अवधि में कार्यस्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
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इस दौरान सहायक अभियंता गजेंद्र वर्मा, जूनियर इंजीनियर कुंदन लाल एवं हरिवंश और क्षेत्रीय लेखपाल अमन कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
शारदा के बढ़ते पानी ने काटी गांव की राह, नाव बनी सहारा
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पुल के आगे स्थित मटहिया गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों के लिए नाव ही आवागमन का एकमात्र जरिया बचा है। किसान फसल बचाने और पशुओं के चारे का प्रबंध करने के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं।
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मटहिया के किसान ध्यान सिंह, लाल बहादुर और नन्नू का कहना है कि पानी कम नहीं हो रहा, जिससे खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित है। किसान खाद की बोरियां, कीटनाशक दवाएं और कृषि यंत्र नाव पर लादकर नदी पार ले जाते हैं। दूसरी ओर खेत पर पहुंचने के बाद नाव को पेड़ से रस्सी के सहारे बांधकर फसल की देखभाल करते हैं।