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छह मिलों ने पहली किस्त का नहीं किया भुगतान
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 11 May 2016 11:37 PM IST
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चीनी
- फोटो : अमर उजाला
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पहली किस्त का तीन अरब 94 करोड़ 85 लाख बाकी
खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर करना था भुगतान
डीएम के निर्देशों का भी नहीं हुआ असर
चीनी मिलों के अध्यासी नियम-कायदे ताक पर रख कर गन्ना एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन किसानों से जुड़े अहम मसलों पर संबंधित महकमा और आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। डिफर मूल्य भुगतान का काउंट डाउन शुरू हो चुका है, लेकिन छह मिलों ने अभी पहली किस्त का ही भुगतान नहीं किया हैै। जबकि गन्ना एक्ट के मुताबिक गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर डीएम ने हाल में ही चीनी मिलों के अध्यासियों को निर्देश दिए थे, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिख रहा हैै।
पेराई सत्र 2015-16 में सरकार से लेकर प्रशासन ने चीनी मिलों को तमाम राहत देते हुए गन्ना मूल्य का दो किस्तों में भुगतान करने की व्यवस्था लागू की थी। सरकार के मसौदे और गन्ना एक्ट के मुताबिक पहली किस्त (230 रुपये प्रति क्विंटल) का भुगतान गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर करना था। जबकि दूसरी किस्त यानी डिफर मूल्य का भुगतान चीनी मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर करना है। सभी नौ चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं, जिनमें अधिकतर मिलें मार्च के आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रैल के पहले सप्ताह में बंद हो चुकी है। सिर्फ बेलरायां मिल ही सबसे बाद में 27 अप्रैल 2016 को बंद हुई है। लिहाजा चीनी मिलों पर दूसरी किस्त यानी डिफर मूल्य का भुगतान करने का समय शुरू हो गया है, लेकिन बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा सहित ऐरा, संपूर्णानगर और बेलरायां मिलें अभी पहली किस्त का तीन अरब 94 करोड़ 85 लाख 61 हजार रुपये दबाए बैठी हैं।
इन मिलों ने नहीं किया पहली किस्त का भुगतान
पहली किस्त का भुगतान न करने वाली छह मिलों पर तीन अरब 94 करोड़ 85 लाख 61 रुपये बकाया है, जिसमें बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा मिल पर सबसे अधिक बकाया हैै। गोला पर एक अरब 19 करोड़ 44 लाख 35 हजार, पलिया पर एक अरब चार करोड़ 95 लाख 27 हजार, खंभारखेड़ा पर 97 करोड़ 55 लाख 56 हजार, ऐरा पर 19 करोड़ 34 लाख 48 हजार, बेलरायां पर 28 करोड़ 45 लाख 69 हजार और संपूर्णानगर पर 25 करोड़ 10 लाख 26 हजार रुपये बकाया है।
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सात मिलों पर ब्याज की देनदारी
समय से भुगतान न करने के चलते सात मिलों पर ब्याज के भुगतान की देनदारी बन गई है। गोला पर सात करोड़ 52 लाख 24 हजार, पलिया पर पांच करोड़ 91 लाख 14 हजार, खंभारखेड़ा पर छह करोड़ 79 लाख 18 हजार, ऐरा पर एक करोड़ 46 लाख 92 हजार, अजबापुर पर 36 लाख 64 हजार, बेलरायां पर 89 लाख 89 हजार और संपूर्णानगर मिल पर 74 लाख 43 हजार रुपये किसानों को ब्याज की देनदारी बन चुकी है। पिछले पेराई सत्र भी करोड़ों रुपये ब्याज की देनदारी चीनी मिलों पर बनी थी, जिसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में चालू पेराई सत्र में ब्याज का भुगतान कराने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए मिल के अध्यासियों से लगातार संपर्क में हूं। जल्द भुगतान के लिए डीएम की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। कुछ मिलों ने समय से डिफर मूल्य भुगतान करने का आश्वासन दिया हैै।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर करना था भुगतान
डीएम के निर्देशों का भी नहीं हुआ असर
चीनी मिलों के अध्यासी नियम-कायदे ताक पर रख कर गन्ना एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन किसानों से जुड़े अहम मसलों पर संबंधित महकमा और आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। डिफर मूल्य भुगतान का काउंट डाउन शुरू हो चुका है, लेकिन छह मिलों ने अभी पहली किस्त का ही भुगतान नहीं किया हैै। जबकि गन्ना एक्ट के मुताबिक गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर डीएम ने हाल में ही चीनी मिलों के अध्यासियों को निर्देश दिए थे, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिख रहा हैै।
पेराई सत्र 2015-16 में सरकार से लेकर प्रशासन ने चीनी मिलों को तमाम राहत देते हुए गन्ना मूल्य का दो किस्तों में भुगतान करने की व्यवस्था लागू की थी। सरकार के मसौदे और गन्ना एक्ट के मुताबिक पहली किस्त (230 रुपये प्रति क्विंटल) का भुगतान गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर करना था। जबकि दूसरी किस्त यानी डिफर मूल्य का भुगतान चीनी मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर करना है। सभी नौ चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं, जिनमें अधिकतर मिलें मार्च के आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रैल के पहले सप्ताह में बंद हो चुकी है। सिर्फ बेलरायां मिल ही सबसे बाद में 27 अप्रैल 2016 को बंद हुई है। लिहाजा चीनी मिलों पर दूसरी किस्त यानी डिफर मूल्य का भुगतान करने का समय शुरू हो गया है, लेकिन बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा सहित ऐरा, संपूर्णानगर और बेलरायां मिलें अभी पहली किस्त का तीन अरब 94 करोड़ 85 लाख 61 हजार रुपये दबाए बैठी हैं।
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इन मिलों ने नहीं किया पहली किस्त का भुगतान
पहली किस्त का भुगतान न करने वाली छह मिलों पर तीन अरब 94 करोड़ 85 लाख 61 रुपये बकाया है, जिसमें बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा मिल पर सबसे अधिक बकाया हैै। गोला पर एक अरब 19 करोड़ 44 लाख 35 हजार, पलिया पर एक अरब चार करोड़ 95 लाख 27 हजार, खंभारखेड़ा पर 97 करोड़ 55 लाख 56 हजार, ऐरा पर 19 करोड़ 34 लाख 48 हजार, बेलरायां पर 28 करोड़ 45 लाख 69 हजार और संपूर्णानगर पर 25 करोड़ 10 लाख 26 हजार रुपये बकाया है।
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सात मिलों पर ब्याज की देनदारी
समय से भुगतान न करने के चलते सात मिलों पर ब्याज के भुगतान की देनदारी बन गई है। गोला पर सात करोड़ 52 लाख 24 हजार, पलिया पर पांच करोड़ 91 लाख 14 हजार, खंभारखेड़ा पर छह करोड़ 79 लाख 18 हजार, ऐरा पर एक करोड़ 46 लाख 92 हजार, अजबापुर पर 36 लाख 64 हजार, बेलरायां पर 89 लाख 89 हजार और संपूर्णानगर मिल पर 74 लाख 43 हजार रुपये किसानों को ब्याज की देनदारी बन चुकी है। पिछले पेराई सत्र भी करोड़ों रुपये ब्याज की देनदारी चीनी मिलों पर बनी थी, जिसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में चालू पेराई सत्र में ब्याज का भुगतान कराने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए मिल के अध्यासियों से लगातार संपर्क में हूं। जल्द भुगतान के लिए डीएम की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। कुछ मिलों ने समय से डिफर मूल्य भुगतान करने का आश्वासन दिया हैै।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी