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लखीमपुर खीरी हिंसा : तिकुनिया में स्थिति काबू में, किसान धरने पर बैठे
Sun, 03 Oct 2021 11:07 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sun, 03 Oct 2021 11:07 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन ने शाम तक स्थिति पर काबू पा लिया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। इस बीच निघासन-तिकुनिया मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र के पास किसान धरने पर बैठ गए हैं।
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घटनास्थल पर मौजूद शासन व प्रशासन के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन ने शाम तक स्थिति पर काबू पा लिया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। भारी पुलिस बल व एक गाड़ी पीएसी तैनात कर दी गई है। वहीं किसान संगठनों के नेतृत्व में निघासन-तिकुनिया मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र के पास किसान धरने पर बैठ गए हैं। यहां पर पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई है।
किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के समय खीरी पुलिस को नाकाफी मानते हुई शासन ने तुरंत पड़ोसी जिलों से पुलिस फोर्स को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया, जिसके बाद बहराइच, सीतापुर, हरदोई, पीलीभीत, शाहजहांपुर आदि जिलों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। डीएम अरविंद कुमार चौरसिया व एसपी विजय ढुल भी मौके पर डटे हैं और उच्चाधिकारियों के आने का इंतजार करते दिखे।
जय श्रीराम बोलकर किसानों पर चढ़ा दी गाड़ी
प्रदर्शन में शामिल कुछ किसानों का आरोप है कि एक गाड़ी में सवार लोगों ने जय श्री राम बोलकर किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिससे कई किसान घायल हो गए। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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मूक दर्शक बनी रही पुलिस
सिंगहा निवासी श्यामसुंदर निषाद को जब उपद्रवी पीट रहे थे, उस समय तीन सीओ और करीब 25 पुलिस कर्मी खड़े थे। उपद्रवी घूमकर आते और उसकी पिटाई करके चले जाते, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस बीच भाजपा नेता अंकित दास भी गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा की गाड़ी के पीछे जा रहे थे। किसानों के घायल होने से बवाल होने लगा, तो अंकित दास गाड़ी छोड़कर वहां से भाग निकले और गन्ने के खेत में छिपकर उन्होंने अपनी जान बचाई।
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किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के समय खीरी पुलिस को नाकाफी मानते हुई शासन ने तुरंत पड़ोसी जिलों से पुलिस फोर्स को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया, जिसके बाद बहराइच, सीतापुर, हरदोई, पीलीभीत, शाहजहांपुर आदि जिलों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। डीएम अरविंद कुमार चौरसिया व एसपी विजय ढुल भी मौके पर डटे हैं और उच्चाधिकारियों के आने का इंतजार करते दिखे।
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जय श्रीराम बोलकर किसानों पर चढ़ा दी गाड़ी
प्रदर्शन में शामिल कुछ किसानों का आरोप है कि एक गाड़ी में सवार लोगों ने जय श्री राम बोलकर किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिससे कई किसान घायल हो गए। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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मूक दर्शक बनी रही पुलिस
सिंगहा निवासी श्यामसुंदर निषाद को जब उपद्रवी पीट रहे थे, उस समय तीन सीओ और करीब 25 पुलिस कर्मी खड़े थे। उपद्रवी घूमकर आते और उसकी पिटाई करके चले जाते, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस बीच भाजपा नेता अंकित दास भी गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा की गाड़ी के पीछे जा रहे थे। किसानों के घायल होने से बवाल होने लगा, तो अंकित दास गाड़ी छोड़कर वहां से भाग निकले और गन्ने के खेत में छिपकर उन्होंने अपनी जान बचाई।