फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Singh is the real hero of the war of Dudhwa PP!

दुधवा की जंग के असली नायक तो पीपी सिंह हैं!

Sun, 21 Feb 2016 11:11 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 21 Feb 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
Singh is the real hero of the war of Dudhwa PP!
ढाई महीने से सुलग रहे दुधवा नेशनल पार्क के हड़ताली कर्मियों ने अब अपना नारा बदल दिया है। पहले जहां डीएम हटाओ की बात हो रही थी, वहीं अब डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह के हटते ही रविवार को डीएम, एफडी (फील्ड डायरेक्टर) हटाओ के साथ पीपी सिंह को वापस लाओ का नारा लगने लगा। खास यह कि इसमें फेडरेशन के बड़े नेता भी कूद पड़े हैं। इससे यह बात सामने आ रही कि इस जंग के असली नायक पूर्व डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ही हैं।
विज्ञापन

शुरू से ही दुधवा की हड़ताल को डीएम और डिप्टी डायरेक्टर के जंग के रूप में देखा जा रहा था। शासन स्तर पर एक बार हस्तक्षेप के बाद मामला थमा तो लेकिन जनवरी के अंतिम सप्ताह में फिर भड़क गया। सूत्रों का कहना है कि आंदोलनकारियों के सूत्रधार पूर्व डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ही हैं। उनके हटाए जाने के बाद हड़तालियों के तेवर और सख्त हो गए हैं। लखनऊ से संबद्ध किए जाने के बावजूद डीडी रविवार तक यहां रुके रहे। उन्हीं के इशारे पर फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन के बड़े नेताओं ने इस हड़ताल में अपनी सक्रियता बढ़ा दी। इस आंदोलन को बड़ा करने के लिए प्रदेश स्तर पर जो पहले से कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा था, डीएम के विरोध को भी उससे जोड़ दिया गया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि कर्मियों की कुछ समस्याएं हैं, जिनकी मांग वो पहले से कर रहे हैं। फरवरी में लखनऊ में जो मांग पत्र सौंपा गया, उसमें उन सब मांगों का जिक्र भी है। इसमें दैनिक कर्मियों के विनयमितीकरण, वाहन चालकों की संविदा समाप्त कर भर्ती करने, लिपिक संवर्ग की पदोन्नति करने और वनों की सुरक्षा आदि की मांगें शामिल हैं। हालांकि इस पूरे प्रकरण पर पूर्व डीडी पीपी सिंह से फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क न हो सका।  
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
पर सब तमाशा ही देख रहे  
डीएम किंजल सिंह और पूर्व डीडी पीपी सिंह में आरोप-प्रत्यारोप के बीच से शुरू हुई दुधवा नेशनल पार्क की हड़ताल से खीरी की शान को बट्टा लगा है, लेकिन इसकी परवाह शायद किसी ने नहीं की, वर्ना ढाई महीने से जंग में तप रहे दुधवा को किसी की नजर न लग पाती। वन्य जीव प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजन, हर किसी ने दूर से तमाशा तो देखा, लेकिन कुछ कहने और करने की कभी जरूरत न महसूस की।

विभाग के अधिकारी ही कर सकते हैं समाधान
जिला प्रशासन की ओर से दुधवा में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। शनिवार को एफडी से वार्ता के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा और संरक्षण देने का भरोसा दिया गया है। इसके अलावा उनकी मांगें विभागीय हैं, जिन्हें प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ही निपटा सकते हैं।

- किंजल सिंह, डीएम लखीमपुर खीरी

डीएम को हटाकर ही हो सकता है समाधान
दुधवा की हड़ताल का सिर्फ एक ही समाधान है कि डीएम खीरी किंजल सिंह को हटा दिया जाए। फॉरेस्ट के अधिकारी को हटाया जा चुका है और अब डीएम को भी हटाकर निष्पक्ष जांच करा ली जाए।
- शैलेंद्र प्रताप सिंह, महासचिव फेडरेशन आफ फारेस्ट एसो, यूपी

बातचीत से हो सकता है हल
दुधवा में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से वार्ता करके समाधान निकाला जा सकता है। इस पर पहल हो तो सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
- संजय सिंह, फील्ड डायरेक्टर-दुधवा टाइगर रिजर्व।
वार्ता से तो बड़ी से बड़ी समस्याएं निपट जाती हैं
बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान वार्ता करके निकल आता है। दुधवा में हड़ताल को खत्म करने के लिए भी ऐसा ही प्रयास होना चाहिए, जिससे समाधान होना संभव है।
आशीष तिवारी, डीएफओ-कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed