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Lakhimpur Kheri News: गोपालपुर के विकास कार्यों में गड़बड़ी के संकेत

Fri, 03 Jul 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Fri, 03 Jul 2026 11:17 PM IST
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Signs of irregularities in Gopalpur's development work
लखीमपुर खीरी। गोपालपुर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की शिकायतों पर शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थलीय जांच की। प्रथम दृष्टया इंटरलॉकिंग सड़क, आरसी सेंटर, सोकपिट, मनरेगा से खोदे गए तालाब और अन्य विकास कार्यों में अनियमितताओं के संकेत मिले। प्रारंभिक जांच में करीब 25 से 30 लाख रुपये की गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
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इंटरलॉकिंग निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के नमूने परीक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी लैब भेजे जाएंगे। खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में पंचायत अधिकारी आकाश अवस्थी, तकनीकी सहायक उमेश पांडे, पूर्व सचिव विवेक कुमार, वर्तमान सचिव मनोज यादव, एसडीएम कार्यालय से ओम पांडे, कंसल्टिंग इंजीनियर सजल वर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
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जांच में कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग अधूरी, टुकड़ों में तथा निर्धारित लंबाई-चौड़ाई से कम मिली। इंटरलॉकिंग के नीचे मानक के अनुरूप गिट्टी और ब्रेक ब्लास्ट की मात्रा भी कम पाई गई। अधिकारियों के अनुसार गुणवत्ता से समझौता कर निर्माण लागत कम दिखाने और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर निर्माण सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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मनरेगा के तहत खोदे गए तालाब, आरसी सेंटर, सोकपिट और अन्य विकास कार्यों में भी अनियमितताओं के संकेत मिले। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे कार्यों का भी ग्राम पंचायत से भुगतान निकाला गया, जिनका निर्माण जिला पंचायत के माध्यम से कराया गया था। ग्रामीणों ने विवाह कुआं-जीवनाधार कार्य का भी मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उसका निर्माण किसी अन्य मद से हुआ, जबकि भुगतान ग्राम पंचायत के खाते से दर्शाया गया।

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जांच केवल औपचारिकता नहीं है। तकनीकी रिपोर्ट और अभिलेखों के परीक्षण के बाद यदि अनियमितताएं पुष्ट होती हैं तो दोषियों के खिलाफ रिकवरी के साथ एफआईआर जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
-संदीप कुमार, खंड विकास अधिकारी
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