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गुलरिया चीनी मिल के प्रबंधक समेत चार कर्मचारियों पर रिपोर्ट

Thu, 23 Apr 2020 07:07 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 07:07 PM IST
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shugar mil
लखीमपुर खीरी। गुलरिया चीनी मिल के अंबूपुर क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटे की सील तोड़कर गन्ने की तौल में घटतौली किए जाने का भंडाफोड़ हुआ है। इससे क्रय केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की संलिप्तता तो उजागर हुई और मिल के कई बड़े अधिकारी भी बेनकाब हुए हैं, जिसमें मिल के गन्ना प्रबंधक और सहायक गन्ना प्रबंधक शामिल हैं। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल के निर्देश पर सहकारी गन्ना विकास समिति फरधान के सचिव कृष्ण मोहन पांडेय ने चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक प्रवीण शर्मा, सहायक गन्ना प्रबंधक वीके सिंह, कांटा फिटर विजय पाल सिंह और सहायक रामकुमार के खिलाफ फरधान थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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बलरामपुर ग्रुप की चीनी मिल गुलरिया के गन्ना क्रय केंद्र अंबूपुर पर गन्ने की तौल में घटतौली किए जाने की शिकायत किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी से की थी। इसके बाद गन्ना अधिकारी ने मंगलवार की शाम करीब छह बजे सहकारी गन्ना विकास समिति फरधान के सचिव कृष्ण मोहन पांडेय को जांच के लिए मौके पर भेजा, जहां पर गन्ना तौलने की मशीन की सील टूटी पाई गई, जिससे गन्ना तौल प्रदर्शित करने वाले इलेक्ट्रानिक डिजिटलाइजर मशीन के तार में छेड़छाड़ कर मशीन को रिसेट किया गया था। गन्ना अधिकारी ने बताया कि मशीन में छेड़छाड़ के लिए जांच में गुलरिया मिल के कांटा फिटर विजयपाल सिंह और सहायक रामकुमार को दोषी पाया गया हैै। जबकि तौल लिपिक ने कांटा खराब होने की सूचना नहीं दी थी और न ही रजिस्टर में इसकी इंट्री है। पूछताछ में कांटा फिटर ने स्वीकार किया है कि चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक वीके सिंह और गन्ना प्रबंधक प्रवीण शर्मा के कहने पर वह मशीन को रिसेट करने आया था। गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन की सहमति और जानकारी में घटतौली कराकर किसानों को आर्थिक क्षति पहुंचाने के लिए कांटे में छेड़छाड़ की गई। जबकि बाट माप विज्ञान निरीक्षक की अनुमति के बगैर कांटे में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। यदि कांटे में सुधार कराना भी है तो उसके लिए विधिक बाट माप विभाग को सूचना देना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा न करके मिल प्रबंधन के कई अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैैं। गन्ना अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही अन्य क्रय केंद्रों के कांटों की जांच कराई जा सकती है।
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