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शारदा निगल गई 75 घर, एक दर्जन से ज्यादा कटान की जद में
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा।
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:01 PM IST
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sharda
- फोटो : amar ujala
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धौरहरा के जंगल नंबर तीन गांव पर कहर ढा रही शारदा
घाघरा की विनाशलीला भी जारी, हुलासपुरवा और सिद्धनपुरवा में कटान तेज
धौरहरा ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में शारदा और घाघरा नदियों का कहर जारी है। जंगल नंबर तीन का आधा गांव शारदा नदी में समा चुका है जबकि गांव के एक दर्जन से अधिक घर कटान की जद में हैं। कटान के करीब पहुंचे घरों के लोग पलायन कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर है। जिन लोगों के घर नदी में समा चुके हैं वे सड़क किनारे तिरपाल डाल कर खानाबदोशों की तरह जिंदगी बसर कर रहे हैं।
नदी किनारे बसे गांव जंगल नंबर तीन में पिछले एक सप्ताह से शारदा की विनाशलीला जारी है। शारदा की तेज लहरें एक-एक कर घरों को निगलती जा रही है। अब तक शारदा नदी गांव के करीब 75 घरों को लील चुकी है। तीन दिन पहले कटान इतनी तेज रफ्तार से हुआ कि 12 घंटे के अंदर ही 20 से अधिक घर शारदा में समा गए। कटान इतना तेज था कि लोगों को अपने घर से सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल पाया। किसी तरह भाग कर ग्रामीणों ने अपनी जान बचाई।
शारदा का कटान अब भी तेजी से हो रहा है। गांव के श्रीराम, राम लखन, जगजीवन, नंद कुमार, राजेश सुंदरलाल, रंगी लाल, हीरा लाल, मंगरे समेत करीब 20 लोगों के घर कटान की जद में हैं।
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उधर घाघरा नदी अलग कहर ढा रही है। घाघरा नदी हुलासपुरवा, लालापुर, सिद्धनपुरवा और गुरदीन पुरवा में तेजी से कटान कर रही है। यहां रहने वाले लोगों की नींद उड़ गई है। वे रात-रात भर जाग रहे हैं। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि लहलहाती फसलों समेत शारदा और घाघरा नदियों में समा चुकी है। इससे तमाम ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
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घाघरा की विनाशलीला भी जारी, हुलासपुरवा और सिद्धनपुरवा में कटान तेज
धौरहरा ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में शारदा और घाघरा नदियों का कहर जारी है। जंगल नंबर तीन का आधा गांव शारदा नदी में समा चुका है जबकि गांव के एक दर्जन से अधिक घर कटान की जद में हैं। कटान के करीब पहुंचे घरों के लोग पलायन कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर है। जिन लोगों के घर नदी में समा चुके हैं वे सड़क किनारे तिरपाल डाल कर खानाबदोशों की तरह जिंदगी बसर कर रहे हैं।
नदी किनारे बसे गांव जंगल नंबर तीन में पिछले एक सप्ताह से शारदा की विनाशलीला जारी है। शारदा की तेज लहरें एक-एक कर घरों को निगलती जा रही है। अब तक शारदा नदी गांव के करीब 75 घरों को लील चुकी है। तीन दिन पहले कटान इतनी तेज रफ्तार से हुआ कि 12 घंटे के अंदर ही 20 से अधिक घर शारदा में समा गए। कटान इतना तेज था कि लोगों को अपने घर से सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल पाया। किसी तरह भाग कर ग्रामीणों ने अपनी जान बचाई।
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शारदा का कटान अब भी तेजी से हो रहा है। गांव के श्रीराम, राम लखन, जगजीवन, नंद कुमार, राजेश सुंदरलाल, रंगी लाल, हीरा लाल, मंगरे समेत करीब 20 लोगों के घर कटान की जद में हैं।
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उधर घाघरा नदी अलग कहर ढा रही है। घाघरा नदी हुलासपुरवा, लालापुर, सिद्धनपुरवा और गुरदीन पुरवा में तेजी से कटान कर रही है। यहां रहने वाले लोगों की नींद उड़ गई है। वे रात-रात भर जाग रहे हैं। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि लहलहाती फसलों समेत शारदा और घाघरा नदियों में समा चुकी है। इससे तमाम ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।