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खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर पहुंची शारदा नदी, अफरातफरी

Wed, 08 Jul 2020 10:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 10:57 PM IST
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Sharda river reaches four cm above danger mark, Afratfari
पलिया के श्रीनगर गांव की ओर बढ़ता नदी का पानी। - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। लगातार हो रही बारिश के बीच शारदा नदी का जलस्तर भी बढ़ व घट रहा है। घटते-बढ़ते जलस्तर के बीच और 24 घंटे में 94 मिली बारिश होने से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर पहुंच गया है। जिसके चलते निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में अफरातफरी है। वहीं दोपहर बाद धूप निकलने से कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
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तीन दिनों से इलाके में हो रही लगातार बारिश से शारदा नदी उफान पर थी। निचले इलाके के गांवों में हालांकि बाढ़ का खतरा नहीं था लेकिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर रुका हुआ था। बुधवार को नदी खतरे के निशान 154.100 सेमी से चार सेमी ऊपर बहकर तीन बजे तक 154.140 सेमी पर पहुंच गई। जिससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। बाढ़ का पानी खेतिहर इलाकों में घुस गया है। इमलिया, बरूआ समेत कई गांवों के खेतिहर इलाकों में पानी भरा हुआ है। जल आयोग के कृष्ण कुमार प्रजापति ने बताया कि 24 घंटे में रिकार्ड 94 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है, जो बीते दिनों हुई बारिश के मुकाबले काफी अधिक है। नदी का जलस्तर भी घट-बढ़ रहा है। उधर दोपहर बाद निकली धूप से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे में कटान का खतरा बढ़ जाता है और नदी भूकटान करना शुरू कर देती है।
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नेपाल में भी बाढ़ का कहर, कई जगह घुसा पानी
धनगढ़ी (नेपाल)। सोमवार की रात से हो रही बारिश के चलते कैलाली जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और नेपाल में भी बाढ़ के हालात हो गए हैं। पूर्वी क्षेत्र की कांडा, मोहाना और कर्णाली नदियों उफान पर हैं। जिसके चलते घोड़ाघोड़ी नगर पालिका, जोशीपुर गांव पालिका और राजीपुर, हसुलिया आदि में बाढ़ का पानी भर गया है। टीकापुर वार्ड आठ अध्यक्ष दीर्घ बहादुर ठकुल्ला ने बताया कि कैलाली और बर्दिया जिले की सीमा पर बसे श्रीलंका गांव में नदी ने रुख मोड़ दिया है जिससे वहां कटान हो रहा है। कर्णाली नदी के कटान से श्रीलंका गांव के सामने लगे पिलर संख्या 701/1 डूब गया है। मोहाना नदी की बाढ़ से टीकापुर में पड़ने वाले सहायक पिलर संख्या 702, 703, 704 भी नदी में बह गए हैं। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल इंचार्ज चंद्र देव भट्ट ने बताया कि टीकापुर में चार मुख्य और दस सहायक पिलर भी नदी में समा गए हैं। संवाद
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बारिश के बाद गांवों के गलियारों में जलभराव
पलियाकलां। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश बुधवार को भी जारी रही। दोपहर बारह बजे के बाद मौसम खुला और धूप निकली। बारिश से पलिया के विभिन्न मोहल्लों के साथ ही गांवों के गलियारों में जलभराव हो गया है। जिसमें से निकलने में लोगों को दिक्कत हो रही है।
बीते दो दिनों से इलाके में झमाझम बारिश हो रही है। बुधवार को भी सुबह मूसलाधार बारिश हुई। बरसात ने एक तरफ गर्मी से राहत तो दी लेकिन दूसरी तरफ तेज हवाओं के चलने से कई जगहों पर किसानों की गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा और गन्ना गिर गया। इसके अलावा बारिश से बोझवा, मटैहिया, कचनारा, दौलतापुर गांवों के साथ ही पलिया के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव हो गया है। जिससे निकलने में लोगों को दिक्कत हो रही है। इधर दोपहर बाद धूप निकली तो दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। साप्ताहिक बाजार में भी लोगों की भीड़ लगी रही।

बारिश से बेला कलां में गिरा झोपड़ीनुमा घर
मझगईं। तेज हवा और बारिश से बेलाकलां गांव निवासी गजराज का झोपड़ीनुमा घर गिर गया। इसके नीचे बैठी गजराज की पत्नी सीता व बच्चों ने किसी तरह भागकर जान बचाई लेकिन नीचे बंधी बकरी की दबकर मौत हो गई। घरेलू सामान भी तहस-नहस हो गया। सूचना पर लेखपाल व पंचायत मित्र ने पहुंचकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।


किसानों के लिए बरसा अमृत, धान की रोपाई तेज
बांकेगंज। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बुधवार को बारिश रुकने पर अधिकतर खेतों में किसान धान की रोपाई करते नजर आए।
बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र में बड़े क्षेत्रफल में धान की खेती होती है। धान की रोपाई के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता अधिक होती है। खेतों में पानी भर जाने पर ही धान की रोपाई की जाती है। बारिश न होने पर किसान वैकल्पिक साधनों से खेतों में पानी भरते हैं। इस बार किसानों की उम्मीद सावन की पहली रात ही पूरी हो गई। सोमवार रात से मंगलवार दोपहर बाद तक हुई बारिश किसानों के लिए अमृत जैसी रही। ऐेसे में बुधवार सवेरे अधिकतर खेतों में किसान धान की रोपाई करते नजर आए।
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