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कुछ नरम पड़े शारदा के तेवर
अमर उजाला ब्यूरो-पलियाकलां।
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:19 PM IST
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शारदा
- फोटो : अमर उजाला
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अब सिर्फ 73 सेंटीमीटर ऊपर
मिली थोड़ी राहत, बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी कम
शारदा नदी के तेवर बुधवार को कुछ नरम पड़े। नदी अब खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर रह गई है। इससे नदी के समीपवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों के खेतिहर इलाकों में पानी कम होने लगा है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदी का जलस्तर मंगलवार को काफी बढ़ गया था और नदी खतरे के निशान 153.620 से बढ़कर 154.550 होकर 93 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी। इससे उसके समीपवर्ती गांव आजाद नगर, बर्बादनगर, खैरहना का निचला इलाका, मेलाघाट, मटहिया, बोझवा, कचनारा का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया था। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर कई कई फुट पानी चलने से आवागमन बंद हो गया था। नदी कचनारा गांव में कटान भी करने लगी थी जिससे यहां खेती वाली जमीन उसमें समा रहीं है। बुधवार को नदी का जलस्तर कम हुआ है और वह खतरे के निशान से करीब 73 सेंटीमीटर ऊपर ही रह गई। इससे इन इलाकों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है लेकिन कटान जस का तस है और इमलिया के रास्ते पर आवागमन भी ठप है।
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मिली थोड़ी राहत, बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी कम
शारदा नदी के तेवर बुधवार को कुछ नरम पड़े। नदी अब खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर रह गई है। इससे नदी के समीपवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों के खेतिहर इलाकों में पानी कम होने लगा है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदी का जलस्तर मंगलवार को काफी बढ़ गया था और नदी खतरे के निशान 153.620 से बढ़कर 154.550 होकर 93 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी। इससे उसके समीपवर्ती गांव आजाद नगर, बर्बादनगर, खैरहना का निचला इलाका, मेलाघाट, मटहिया, बोझवा, कचनारा का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया था। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर कई कई फुट पानी चलने से आवागमन बंद हो गया था। नदी कचनारा गांव में कटान भी करने लगी थी जिससे यहां खेती वाली जमीन उसमें समा रहीं है। बुधवार को नदी का जलस्तर कम हुआ है और वह खतरे के निशान से करीब 73 सेंटीमीटर ऊपर ही रह गई। इससे इन इलाकों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है लेकिन कटान जस का तस है और इमलिया के रास्ते पर आवागमन भी ठप है।
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