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शारदा खतरे के निशान से फिर 93 सेंटीमीटर ऊपर
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:12 PM IST
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sharda
- फोटो : amar ujala
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समीपवर्ती गांवों का खेतिहर इलाका चपेट में
इमलिया फार्म मार्ग पर फिर कई कई फुट पानी, आवागमन बंद
पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से 93 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे एक बार नदी के समीपवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है तो खेतिहर इलाके फिर से पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर फिर कई कई फुट बाढ़ का पानी चलने लगा है। इससे इस मार्ग पर आवागमन बंद है। इसके साथ ही कचनारा गांव के खेतिहर इलाके में नदी का कटान जारी हो गया है हालांकि अभी इसकी गति तेज नहीं है लेकिन ग्रामीण इससे परेशान हो उठे हैं।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से बनबसा डैम से डिस्चार्ज किया गया 35 हजार क्यूसेक पपानी बढ़कर करीब 75 हजार क्यूसेक पहुंच गया है। जिसके चलते नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और वह अब खतरे के निशान 153.620 से बढ़कर 154.550 हो गया है। इससे समीपवर्ती गांव आजाद नगर, बर्बादनगर, खैरहना का निचला इलाका, मेलाघाट, मटहिया, बोझवा, कचनारा का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर कई कई फुट पानी चलने से एक बार फिर आवागमन बंद हो गया है। नदी कचनारा गांव में कटान भी करने लगी है जिससे यहां खेती वाली जमीन उसमें समा रही है। हालांकि अभी उसकी गति धीमी है लेकिन ग्रामीणों में खौफ पैदा हो गया है। वह पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं अब फसलों के नुकसान के साथ उनकी जमीन भी जाने लगी है जिससे उनके माथों पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं।
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इमलिया फार्म मार्ग पर फिर कई कई फुट पानी, आवागमन बंद
पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से 93 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे एक बार नदी के समीपवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है तो खेतिहर इलाके फिर से पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर फिर कई कई फुट बाढ़ का पानी चलने लगा है। इससे इस मार्ग पर आवागमन बंद है। इसके साथ ही कचनारा गांव के खेतिहर इलाके में नदी का कटान जारी हो गया है हालांकि अभी इसकी गति तेज नहीं है लेकिन ग्रामीण इससे परेशान हो उठे हैं।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से बनबसा डैम से डिस्चार्ज किया गया 35 हजार क्यूसेक पपानी बढ़कर करीब 75 हजार क्यूसेक पहुंच गया है। जिसके चलते नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और वह अब खतरे के निशान 153.620 से बढ़कर 154.550 हो गया है। इससे समीपवर्ती गांव आजाद नगर, बर्बादनगर, खैरहना का निचला इलाका, मेलाघाट, मटहिया, बोझवा, कचनारा का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। वहीं इमलिया फार्म रास्ते पर कई कई फुट पानी चलने से एक बार फिर आवागमन बंद हो गया है। नदी कचनारा गांव में कटान भी करने लगी है जिससे यहां खेती वाली जमीन उसमें समा रही है। हालांकि अभी उसकी गति धीमी है लेकिन ग्रामीणों में खौफ पैदा हो गया है। वह पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं अब फसलों के नुकसान के साथ उनकी जमीन भी जाने लगी है जिससे उनके माथों पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं।
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