{"_id":"6a5e5d5aa955b9d8e1016ea2","slug":"senior-advocate-sought-for-effective-advocacy-of-tikunia-violence-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1009-180361-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसा की प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसा की प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता की मांग
Mon, 20 Jul 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
तिकुनिया हिंसा कांड मामले डीएम से मिलने पहुंचे किसान व पीड़ित पक्ष के लोग। संवाद
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा प्रकरण की सुनवाई के बीच पीड़ित पक्ष ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर मुकदमे की पैरवी के लिए अनुभवी और वरिष्ठ सरकारी अधिवक्ता की नियुक्ति की मांग की है। सोमवार को भाकियू के लखनऊ मंडल अध्यक्ष दिलबाग सिंह की अगुवाई में पीड़ित पक्ष ने कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया।
घटना में मृतक रमन के भाई पवन कश्यप ने बताया कि जिला सत्र न्यायालय में लंबित अपराध संख्या 219/21 की पैरवी पहले सेवानिवृत्त जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी कर रहे थे। उनके सेवानिवृत्त होने और प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता पद पर बदलाव के बाद वर्तमान में प्रभाकर ब्रह्म मिश्रा पैरवी कर रहे हैं। आरोप है कि 15 और 16 जुलाई की गवाही में अभियोजन का महत्वपूर्ण साक्ष्य घटनास्थल का नक्शा नजरी न्यायालय में साबित नहीं कराया गया, जिससे मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रार्थना पत्र में संवेदनशीलता को देखते हुए पैरवी किसी अनुभवी एवं वरिष्ठ सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) से कराने और डीएम से तत्काल निर्णय की मांग की गई। इस दौरान भाकियू जिला सचिव, सतनाम सिंह, कुलविंदर सिंह, सरजीत सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना में मृतक रमन के भाई पवन कश्यप ने बताया कि जिला सत्र न्यायालय में लंबित अपराध संख्या 219/21 की पैरवी पहले सेवानिवृत्त जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी कर रहे थे। उनके सेवानिवृत्त होने और प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता पद पर बदलाव के बाद वर्तमान में प्रभाकर ब्रह्म मिश्रा पैरवी कर रहे हैं। आरोप है कि 15 और 16 जुलाई की गवाही में अभियोजन का महत्वपूर्ण साक्ष्य घटनास्थल का नक्शा नजरी न्यायालय में साबित नहीं कराया गया, जिससे मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विज्ञापन
प्रार्थना पत्र में संवेदनशीलता को देखते हुए पैरवी किसी अनुभवी एवं वरिष्ठ सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) से कराने और डीएम से तत्काल निर्णय की मांग की गई। इस दौरान भाकियू जिला सचिव, सतनाम सिंह, कुलविंदर सिंह, सरजीत सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन