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Lakhimpur Kheri News: जिले में बढ़ रहे स्क्रब टाइफस के मरीज, इस साल 14 मिले
Thu, 06 Nov 2025 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:09 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में स्क्रब टाइफस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक 14 मरीज मिल चुके हैं। यह बीमारी पिस्सू, जूं या चिगर्स (घास के कीड़ों) के काटने से फैलती है। बरसात और उसके बाद का मौसम इसके संक्रमण के लिए अनुकूल होता है।
चिकित्सकों के अनुसार, स्क्रब टाइफस के लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, थकान और शरीर पर लाल दाने होना शामिल है। कई बार यह बीमारी डेंगू या वायरल फीवर जैसी दिखती है, जिसे मरीज देर से पहचान पाते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। कभी-कभी मरीज को आईसीयू में भर्ती करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने मरीज सामने आने के बाद सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांवों और शहरी बस्तियों में लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि लोग खेतों या झाड़ियों में काम करते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें। किसी भी प्रकार का बुखार या शरीर पर चकत्ते दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। समय पर जांच और दवा लेने से स्क्रब टाइफस का इलाज संभव है।
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चिकित्सकों के अनुसार, स्क्रब टाइफस के लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, थकान और शरीर पर लाल दाने होना शामिल है। कई बार यह बीमारी डेंगू या वायरल फीवर जैसी दिखती है, जिसे मरीज देर से पहचान पाते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। कभी-कभी मरीज को आईसीयू में भर्ती करना पड़ सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने मरीज सामने आने के बाद सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांवों और शहरी बस्तियों में लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि लोग खेतों या झाड़ियों में काम करते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें। किसी भी प्रकार का बुखार या शरीर पर चकत्ते दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। समय पर जांच और दवा लेने से स्क्रब टाइफस का इलाज संभव है।