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सावन के अंतिम सोमवार को भी बंद रहे मंदिर के कपाट
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गोला गोकर्णनाथ। सावन के अंतिम पांचवें सोमवार को भी छोटी काशी के शिव मंदिर के कपाट बंद रहे। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही भगवान शिव का व्रत रखकर बेलपत्र, शमीपत्र, गंगाजल, दुग्ध, पुष्प, भांग, धतूरा से पूजा कर राखी अर्पित की। शिव मंदिर कमेटी के सेवादार और पुलिस चौकस रही, जिससे कोई भी शिव भक्त मंदिर में प्रवेश नहीं पा सका।
ममरी। अहमदनगर के प्राचीन क्लेश हरण मंदिर के कपाट सावन के अंतिम सोमवार को भी बंद रहे। शिव भक्तों ने गेट के बाहर से बेलपत्र धतूरा प्रसाद चढ़ाकर भोलेनाथ का पूजन कर कोरोना महामारी से बचाने जनकल्याण की मनौती मांगी। वहीं कुछ भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में भगवान क्लेशहरण का पूजन किया। इस मौके पर भक्तों ने बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा, पुष्प चढ़ाकर उनका स्मरण किया। पुजारी विष्णु गिरी ने बताया कि बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा, पुष्प चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हैदराबाद थाना के पुलिसकर्मी लॉकडाउन सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मंदिर पर मौजूद रहे।
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ममरी। अहमदनगर के प्राचीन क्लेश हरण मंदिर के कपाट सावन के अंतिम सोमवार को भी बंद रहे। शिव भक्तों ने गेट के बाहर से बेलपत्र धतूरा प्रसाद चढ़ाकर भोलेनाथ का पूजन कर कोरोना महामारी से बचाने जनकल्याण की मनौती मांगी। वहीं कुछ भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में भगवान क्लेशहरण का पूजन किया। इस मौके पर भक्तों ने बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा, पुष्प चढ़ाकर उनका स्मरण किया। पुजारी विष्णु गिरी ने बताया कि बाबा नरसिंह की मठिया में मदिरा, पुष्प चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हैदराबाद थाना के पुलिसकर्मी लॉकडाउन सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मंदिर पर मौजूद रहे।
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