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Lakhimpur Kheri News: टेंडर में अटके बोरे, आढ़तियों के जाल में किसान
Sun, 05 Apr 2026 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:03 PM IST
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शीतला प्रसाद शुक्ला
लखीमपुर खीरी। जिले में 30 मार्च से 134 गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कर दी गई, लेकिन पहले ही दिन से व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। केंद्रों पर तौल कांटा और बैनर तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक बोरों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। नतीजतन किसानों को लौटाया जा रहा है और वे मजबूरी में आढ़तियों को कम दाम पर गेहूं बेचने के लिए विवश हैं।
किसानों को इस बार समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 160 रुपये अतिरिक्त भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। केंद्रों पर न तो तौल हो रही है और न ही बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि सभी केंद्रों पर कांटा-बांट और बैनर लगवा दिए गए हैं। बोरों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्द पूरा कर केंद्रों तक आपूर्ति कराई जाएगी।
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गोला मंडी में सन्नाटा, 34 केंद्र खुले लेकिन खरीद बंद
गोला गोकर्णनाथ। तहसील क्षेत्र में 34 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन बोरों के अभाव में खरीद शुरू नहीं हो सकी है। कृषि उत्पादन मंडी समिति में खाद्य विभाग के 7, पीसीएफ के 5, पीसीयू के 5, यूपीएसएस के 5 और एफसीआई के 2 केंद्र संचालित हैं। कुल 23 केंद्र मंडी परिसर में और 11 बाहर लगाए गए हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि बोरों की कमी के कारण खरीद प्रभावित है। संवाद
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कई दिनों से गेहूं लेकर मंडी जा रहे हैं, लेकिन हर बार बोरा न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। मजबूरी में फसल सस्ते में बेचनी पड़ रही है।
-शीतला प्रसाद शुक्ला, किसान, ग्राम इटारा, मैगलगंज
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सरकार समर्थन मूल्य की बात करती है, लेकिन केंद्रों पर खरीद ही नहीं हो रही है। अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
-राम महेश अवस्थी, किसान, ग्राम पिपरी अजीज
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किसानों को इस बार समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 160 रुपये अतिरिक्त भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। केंद्रों पर न तो तौल हो रही है और न ही बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि सभी केंद्रों पर कांटा-बांट और बैनर लगवा दिए गए हैं। बोरों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्द पूरा कर केंद्रों तक आपूर्ति कराई जाएगी।
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गोला मंडी में सन्नाटा, 34 केंद्र खुले लेकिन खरीद बंद
गोला गोकर्णनाथ। तहसील क्षेत्र में 34 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन बोरों के अभाव में खरीद शुरू नहीं हो सकी है। कृषि उत्पादन मंडी समिति में खाद्य विभाग के 7, पीसीएफ के 5, पीसीयू के 5, यूपीएसएस के 5 और एफसीआई के 2 केंद्र संचालित हैं। कुल 23 केंद्र मंडी परिसर में और 11 बाहर लगाए गए हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि बोरों की कमी के कारण खरीद प्रभावित है। संवाद
कई दिनों से गेहूं लेकर मंडी जा रहे हैं, लेकिन हर बार बोरा न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। मजबूरी में फसल सस्ते में बेचनी पड़ रही है।
-शीतला प्रसाद शुक्ला, किसान, ग्राम इटारा, मैगलगंज
सरकार समर्थन मूल्य की बात करती है, लेकिन केंद्रों पर खरीद ही नहीं हो रही है। अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
-राम महेश अवस्थी, किसान, ग्राम पिपरी अजीज

शीतला प्रसाद शुक्ला

शीतला प्रसाद शुक्ला