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पंचायत राज विभाग कर्मियों ने ग्राम्य विकास से मुक्ति को फिर भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:13 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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एडीओ पंचायत पर बीडीओ का नियंत्रण समाप्त करने की मांग
ग्राम विकास अधिकारियों को भी पंचायत के काम से हटाने की मांग
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर आंदोलन का एलान किया
पंचायत राज सेवा परिषद के आह्वान पर पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक बार फिर ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त होने के लिए मोर्चा खोल दिया है। तीन सूत्री मांगों को लेकर संगठन ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। परिषद के अध्यक्ष/डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि पंचायत राज विभाग स्वतंत्र इकाई है, जिस पर ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों का नियंत्रण नहीं हो सकता है। उन्होंने एक अगस्त 2016 को जारी शासनादेश को निरस्त करने की बात कहते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
नसीरुद्दीन मौजी परिसर में पंचायत राज विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी एकत्र हुए, जिसके बाद ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग के मध्य संचालित कार्यक्रमों पर चर्चा की। परिषद के मंत्री रामाधार ने कहा कि एक विभाग के अधिकारियों का दूसरे विभाग के अधिकारियों पर न ही कोई नियंत्रण दिया जा सकता है और न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की बैठक में ग्राम विकास अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण एडीओ पंचायत को दिए जाने का आदेश दिया गया था। इसी तरह बीडीओ पर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए उप निदेशक (पंचायत) को दिए जाने का आदेश हो चुका है लेकिन इस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। तीन सूत्री मांगों के बारे में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ग्राम्य विकास के नियंत्रण से पंचायत राज विभाग को मुक्त किया जाए। दोनों विभागों के मध्य समन्वय के लिए आईएएस/पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। एडीओ पंचायत अपने स्वतंत्र कार्यालय में पंचायती राज विभाग के नियंत्रण में कार्य करें। पंचायतों में सचिवों का काम देख रहे ग्राम विकास अधिकारियों को हटाकर रिक्त पदों पर भर्ती की मांग प्रमुख है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में परिषद ने समस्या का शीघ्र निराकरण न होने पर पांच दिसंबर को राज्य स्तर पर एक दिवसीय धरने का एलान किया है। इसके बाद सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी हैै। प्रदर्शन में भजनलाल, मनोज श्रीवास्तव, नंदकिशोर दीक्षित, समस्त एडीओ पंचायत, सफाई कर्मचारी शामिल हुए।
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ग्राम विकास अधिकारियों को भी पंचायत के काम से हटाने की मांग
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर आंदोलन का एलान किया
पंचायत राज सेवा परिषद के आह्वान पर पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक बार फिर ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त होने के लिए मोर्चा खोल दिया है। तीन सूत्री मांगों को लेकर संगठन ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। परिषद के अध्यक्ष/डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि पंचायत राज विभाग स्वतंत्र इकाई है, जिस पर ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों का नियंत्रण नहीं हो सकता है। उन्होंने एक अगस्त 2016 को जारी शासनादेश को निरस्त करने की बात कहते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
नसीरुद्दीन मौजी परिसर में पंचायत राज विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी एकत्र हुए, जिसके बाद ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग के मध्य संचालित कार्यक्रमों पर चर्चा की। परिषद के मंत्री रामाधार ने कहा कि एक विभाग के अधिकारियों का दूसरे विभाग के अधिकारियों पर न ही कोई नियंत्रण दिया जा सकता है और न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की बैठक में ग्राम विकास अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण एडीओ पंचायत को दिए जाने का आदेश दिया गया था। इसी तरह बीडीओ पर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए उप निदेशक (पंचायत) को दिए जाने का आदेश हो चुका है लेकिन इस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। तीन सूत्री मांगों के बारे में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ग्राम्य विकास के नियंत्रण से पंचायत राज विभाग को मुक्त किया जाए। दोनों विभागों के मध्य समन्वय के लिए आईएएस/पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। एडीओ पंचायत अपने स्वतंत्र कार्यालय में पंचायती राज विभाग के नियंत्रण में कार्य करें। पंचायतों में सचिवों का काम देख रहे ग्राम विकास अधिकारियों को हटाकर रिक्त पदों पर भर्ती की मांग प्रमुख है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में परिषद ने समस्या का शीघ्र निराकरण न होने पर पांच दिसंबर को राज्य स्तर पर एक दिवसीय धरने का एलान किया है। इसके बाद सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी हैै। प्रदर्शन में भजनलाल, मनोज श्रीवास्तव, नंदकिशोर दीक्षित, समस्त एडीओ पंचायत, सफाई कर्मचारी शामिल हुए।
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