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आरटीई : अभी तक चार सौ सीटों पर हुआ प्रवेश
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लखीमपुर खीरी। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत अब तक चार सौ बच्चों को प्रवेश मिल सका है। शेष की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ज्यादा से ज्यादा सीटों पर बच्चों को प्रवेश मिले, इसके लिए एक दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाने लगे थे। पहले चरण में 835 अभिभावकों ने आवेदन किए थे। इसमें चार सौ से अधिक बच्चों बच्चे पात्र पाए गए थे। दूसरे चरण में विभाग को 728 आवेदन मिले थे, इसमें से 383 आवेदनों को अपात्र कर दिया गया था। वहीं 345 आवेदन पात्र मिले थे।
इनमें से 279 अभिभावकों के बच्चों को स्कूलों में सीटें भी एलॉट की गई थीं, जबकि 66 बच्चों को सीटें आवंटित नहीं हो सकी थीं। इधर, तीसरे चरण में कुल 471 आवेदन मिले थे, इसमें से 233 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था। वहीं 238 आवेदन स्वीकृत हुए थे। लॉटरी के सापेक्ष 217 बच्चों को सीटें आवंटित कर दी गईं। वहीं 21 बच्चों को सीटें नहीं आवंटित की जा सकी हैं।
एक मार्च से 19 मार्च तक चले चौथे चरण में विभाग को कुल 442 आवेदन मिले थे। इसमें से भी आधे से ज्यादा आवेदनों को अपात्र बताया गया था।
इस योजना के लिए जिले में 825 स्कूलों में 5387 सीटों पर प्रवेश लिए जाते हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इन योजना के तहत करीब 400 से अधिक बच्चों ने विभिन्न स्कूलों में प्रवेश ले लिया है। बाकी अन्य अभिभावकों से जल्द से जल्द प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं।
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ज्यादा से ज्यादा सीटों पर बच्चों को प्रवेश मिले, इसके लिए एक दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाने लगे थे। पहले चरण में 835 अभिभावकों ने आवेदन किए थे। इसमें चार सौ से अधिक बच्चों बच्चे पात्र पाए गए थे। दूसरे चरण में विभाग को 728 आवेदन मिले थे, इसमें से 383 आवेदनों को अपात्र कर दिया गया था। वहीं 345 आवेदन पात्र मिले थे।
इनमें से 279 अभिभावकों के बच्चों को स्कूलों में सीटें भी एलॉट की गई थीं, जबकि 66 बच्चों को सीटें आवंटित नहीं हो सकी थीं। इधर, तीसरे चरण में कुल 471 आवेदन मिले थे, इसमें से 233 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था। वहीं 238 आवेदन स्वीकृत हुए थे। लॉटरी के सापेक्ष 217 बच्चों को सीटें आवंटित कर दी गईं। वहीं 21 बच्चों को सीटें नहीं आवंटित की जा सकी हैं।
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एक मार्च से 19 मार्च तक चले चौथे चरण में विभाग को कुल 442 आवेदन मिले थे। इसमें से भी आधे से ज्यादा आवेदनों को अपात्र बताया गया था।
इस योजना के लिए जिले में 825 स्कूलों में 5387 सीटों पर प्रवेश लिए जाते हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इन योजना के तहत करीब 400 से अधिक बच्चों ने विभिन्न स्कूलों में प्रवेश ले लिया है। बाकी अन्य अभिभावकों से जल्द से जल्द प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं।
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