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आरटीई : 64 प्रतिशत बच्चों के स्कूलों में दाखिले...शेष के प्रवेश फंसे

Fri, 23 May 2025 12:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 May 2025 12:32 AM IST
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RTE: 64 percent children admitted in schools... admission of the rest stuck
शाहजहांपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला देने की योजना की राह में बाधा आ गई है। सत्र शुरू होने के बाद गर्मी का अवकाश होने तक जिले में मात्र 64 प्रतिशत बच्चों के प्रवेश हो सके हैं। कुछ अभिभावक भटक रहे हैं तो कुछ ने मनचाहा स्कूल न मिलने पर प्रवेश दूसरे स्कूल में करा लिया है।
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आरटीई के तहत इस बार चार चरणों में आवेदन की सुविधा दी गई थी। आवेदन के लिए आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड आदि लगाए गए थे। प्रत्येक चरण में लाॅटरी के माध्यम से बच्चों के नाम निकाले गए। जनपद में 1067 सीट आवंटित थीं। इनमें अभी तक 682 ही आवेदन हो सके हैं।
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शिक्षकों के अनुसार, कुछ नामी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश ऑर्डर लेकर रख लिया है, लेकिन सप्ताह भर के बाद आने की बात कहकर टाल दिया है। कुछ बच्चों के प्रमाण पत्रों में कमी बताकर स्कूल वाले लौटा रहे हैं। बच्चे का आधार नहीं होने पर आवेदन के समय रसीद लगाकर कार्य चला दिया था।
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अब स्कूल से आधार कार्ड की असली कॉपी मांगी जा रही है। कई बच्चों को मनचाहा स्कूल नहीं मिलने के कारण उन्होंने दूसरे स्कूलों में प्रवेश करा लिया। इसी तरह अभिभावकों को जानकारी का अभाव होने के चलते वे अपना ऑर्डर भी लेने नहीं आए हैं। बताते हैं कि गत वर्ष भी अभिभावक ऑर्डर लेने नहीं आए थे।
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सत्यापन में फंसा पेच
पूर्व में रोटी गोदाम स्थित नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिपिक को आरटीई का कार्य दिया गया था। फिर उससे हटाकर बीएसए कार्यालय के लिपिक को जिम्मेदारी दी गई। उसके बाद डीसी ने खुद कमान संभाली है। ऐसी स्थिति में सत्यापन भी ठीक से नहीं हो पाए जिसके चलते अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है।

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स्कूलों के लिए प्रवेश के ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। नियम के अनुसार प्रत्येक स्कूल को प्रवेश लेना चाहिए। ऐसा कोई मामला है तो शिकायत आने पर संबंधित स्कूल से पत्राचार किया जाएगा।
दिव्या गुप्ता, बीएसए
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