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चुनाव में गईं रोडवेज की बसें, मुसाफिर परेशान
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रोडवेज बस अड्डे पर बस में बैठने के लिए लगी यात्रियों की भीड़।
जिला प्रशासन के टैक्सियां कब्जे में लेने से संकट गहराया
लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए रोडवेज बसों के साथ टैक्सी आदि को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। इससे रोडवेज बस अड्डे से लेकर रूट पर वाहनों की संख्या कम हो गई है, जिससे मुसाफिर परेशान घूम रहे हैं। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस अड्डे से लेकर रूट पर घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव बाद ही बसों की किल्लत दूर हो पाएगी।
जिले में परिवहन निगम के दो बस अड्डे हैं। एक लखीमपुर और दूसरा गोला में। लखीमपुर का बस अड्डा उधार की बसों से चल रहा है, जबकि गोला बस अड्डे पर निगम और अनुबंधित दोनों तरह की बसें हैं। हालांकि आम दिनों में भी दोनों बस अड्डे पर बसों की किल्लत बनी रहती है। मगर, चुनाव आते ही बसों का संकट इन दिनों और गहरा गया है। विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ही जिले में बसों का टोंटा है।
गोला डिपो की 26 बसों के चुनाव में जाने से यात्रियों के आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। इधर, जिले में भी 23 को मतदान होना है। इसके लिए पोलिंग पार्टियों की रवाना करने के लिए जिला प्रशासन ने टैक्सी आदि से लेकर स्कूली बसों तक को अपने कब्जे में लिया है, जिससे यात्रियों की मुसीबतें और बढ़ गई है। न तो रोडवेज बस अड्डे से बसें मिल रही हैं और न ही टैक्सी स्टैंड से ही वाहन। सोमवार को लखीमपुर बस अड्डे पर गोला जाने के लिए सिर्फ एक बस खड़ी थी, जिसमें पांव रखने तक की गुंजाइश नहीं थी, जबकि उससे ज्यादा सवारियां नीचे खड़ी थीं।
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बसें न मिलने से भटकते रहे यात्री
सोमवार दोपहर 12 बजे बस अड्डे पर गोला, शाहजहांपुर, मोहम्मदी से लेकर दिल्ली और बरेली जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी रही। मगर, बस न मिलने के कारण सब परेशान दिखे। ऐसे में बेचारे यात्री बस अड्डे पर बस के आने की प्रतीक्षा में घंटो इंतजार करते रहे।
टैक्सी में भी सीट के लिए हो रही मारामारी
मोहम्मदी। गोला-शाहजहांपुर मार्ग पर स्थित कस्बे में बस अड्डा तो है, लेकिन पूरी तरह से बस विहीन। इसका संचालन गोला और शाहजहांपुर की बसों से होता है। मगर, दोनों डिपो की अधिकतर बसों के साथ टैक्सी आदि के चुनाव में चले जाने से मुसाफिरों के आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए सोमवार को टैक्सी में सीट पाने के लिए मारामारी होती रही।
प्राइवेट बसें न मिलने से परेशान हुए यात्री
बिजुआ। लखीमपुर-पलिया मार्ग की सभी बसें चुनाव ड्यूटी में चले जाने से यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा। लखीमपुर पलिया प्राइवेट बस यूनियन में करीब 125 बसें रोजना खजुरिया, संपूर्णानगर कबीरगंज, दुधवा नेशनल पार्क, गौरीफंटा, निघासन, सिंगाही, तिकुनिया, बेलरायां, मैलानी, खुटार, गोला, भीरा, बिजुआ और लखीमपुर के लिए चलती हैं। इनसे रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। वहीं टैक्सी आदि भी अधिग्रहीत किए जाने से समस्या और विकट हो गई है। ऐसे में जो एकाध वाहन चल रहे हैं वह थोड़ी थोड़ी दूर के लिए मनमानी किराया वसूल रहे हैं।
चुुनाव में रोडवेज बसों के साथ टैक्सी आदि के जाने से सोमवार को बस अड्डे पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। सीतापुर, गोला एवं शाहजहांपुर सहित अन्य डिपो की बसों के न आने से मुसाफिरों को दिक्कत उठानी पड़ी। यात्रियों को गंतव्य तक भिजवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- जोगेंद्र सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो
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लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए रोडवेज बसों के साथ टैक्सी आदि को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। इससे रोडवेज बस अड्डे से लेकर रूट पर वाहनों की संख्या कम हो गई है, जिससे मुसाफिर परेशान घूम रहे हैं। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस अड्डे से लेकर रूट पर घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव बाद ही बसों की किल्लत दूर हो पाएगी।
जिले में परिवहन निगम के दो बस अड्डे हैं। एक लखीमपुर और दूसरा गोला में। लखीमपुर का बस अड्डा उधार की बसों से चल रहा है, जबकि गोला बस अड्डे पर निगम और अनुबंधित दोनों तरह की बसें हैं। हालांकि आम दिनों में भी दोनों बस अड्डे पर बसों की किल्लत बनी रहती है। मगर, चुनाव आते ही बसों का संकट इन दिनों और गहरा गया है। विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ही जिले में बसों का टोंटा है।
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गोला डिपो की 26 बसों के चुनाव में जाने से यात्रियों के आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। इधर, जिले में भी 23 को मतदान होना है। इसके लिए पोलिंग पार्टियों की रवाना करने के लिए जिला प्रशासन ने टैक्सी आदि से लेकर स्कूली बसों तक को अपने कब्जे में लिया है, जिससे यात्रियों की मुसीबतें और बढ़ गई है। न तो रोडवेज बस अड्डे से बसें मिल रही हैं और न ही टैक्सी स्टैंड से ही वाहन। सोमवार को लखीमपुर बस अड्डे पर गोला जाने के लिए सिर्फ एक बस खड़ी थी, जिसमें पांव रखने तक की गुंजाइश नहीं थी, जबकि उससे ज्यादा सवारियां नीचे खड़ी थीं।
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बसें न मिलने से भटकते रहे यात्री
सोमवार दोपहर 12 बजे बस अड्डे पर गोला, शाहजहांपुर, मोहम्मदी से लेकर दिल्ली और बरेली जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी रही। मगर, बस न मिलने के कारण सब परेशान दिखे। ऐसे में बेचारे यात्री बस अड्डे पर बस के आने की प्रतीक्षा में घंटो इंतजार करते रहे।
टैक्सी में भी सीट के लिए हो रही मारामारी
मोहम्मदी। गोला-शाहजहांपुर मार्ग पर स्थित कस्बे में बस अड्डा तो है, लेकिन पूरी तरह से बस विहीन। इसका संचालन गोला और शाहजहांपुर की बसों से होता है। मगर, दोनों डिपो की अधिकतर बसों के साथ टैक्सी आदि के चुनाव में चले जाने से मुसाफिरों के आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए सोमवार को टैक्सी में सीट पाने के लिए मारामारी होती रही।
प्राइवेट बसें न मिलने से परेशान हुए यात्री
बिजुआ। लखीमपुर-पलिया मार्ग की सभी बसें चुनाव ड्यूटी में चले जाने से यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा। लखीमपुर पलिया प्राइवेट बस यूनियन में करीब 125 बसें रोजना खजुरिया, संपूर्णानगर कबीरगंज, दुधवा नेशनल पार्क, गौरीफंटा, निघासन, सिंगाही, तिकुनिया, बेलरायां, मैलानी, खुटार, गोला, भीरा, बिजुआ और लखीमपुर के लिए चलती हैं। इनसे रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। वहीं टैक्सी आदि भी अधिग्रहीत किए जाने से समस्या और विकट हो गई है। ऐसे में जो एकाध वाहन चल रहे हैं वह थोड़ी थोड़ी दूर के लिए मनमानी किराया वसूल रहे हैं।
चुुनाव में रोडवेज बसों के साथ टैक्सी आदि के जाने से सोमवार को बस अड्डे पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। सीतापुर, गोला एवं शाहजहांपुर सहित अन्य डिपो की बसों के न आने से मुसाफिरों को दिक्कत उठानी पड़ी। यात्रियों को गंतव्य तक भिजवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- जोगेंद्र सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो